दिल्ली में ऑपरेशन शस्त्र, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डालने वालों की खैर नहीं
दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन शस्त्र लॉन्च किया है। इसका मकसद सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें शेयर करने और डर फैलाने के लिए गाली-गलौज की भाषा इस्तेमाल करने वाले लोगों को टारगेट करना है।

दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन शस्त्र' लॉन्च किया है। इस ऑपरेशन के जरिए सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो डालने और गाली-गलौज करने वालों पर कड़ा ऐक्शन लिया जा रहा है। इस ऑपरेशन में 2000 पुलिसकर्मियों ने 6000 प्रोफाइल की जांच कर 83 लोगों को गिरफ्तार किया। यही नहीं हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने दिल्ली में लापता होने की खबरों को पेड प्रमोशन बताया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों के मुकाबले लापता होने के मामलों में कमी आई है।
83 गिरफ्तार
इस ऑपरेशन का मकसद सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें शेयर करने और डर फैलाने के लिए गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल करने वालों पर ऐक्शन लेना है। ताजा ऑपरेशन में 500 से अधिक टीमें और 2000 पुलिसकर्मी शामिल रहे। इन टीमों ने 6000 प्रोफाइल की जांच की। इसके बाद 83 गिरफ्तारियां की गईं। इनमें 67 वयस्क और 16 नाबालिग शामिल हैं। कुल 61 एफआईआर दर्ज की गईं।
82 हथियार जब्त
संयुक्त कमिश्नर ऑफ पुलिस एसके जैन (दक्षिणी रेंज) ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन शस्त्र उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए लॉन्च किया था जो ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर रहे थे। ये आरोपी गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। इन लोगों का मकसद सोशल मीडिया के जरिए डर का माहौल बनाना था। ऑपरेशन के दौरान 82 हथियार और 93 जिंदा कारतूस जब्त किए गए।
लोगों के लापता होने में बढ़ोतरी के दावों को किया खारिज
ज्वाइंट सीपी एसके जैन ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद ऑनलाइन धमकियों को रोकना था। आरोपियों के पास से 82 हथियार और 93 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी के दावों को खारिज कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि इसे पेड प्रमोशन के जरिए बढ़ावा दिया जा रहा है। अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जारी किए आंकड़े
दिल्ली पुलिस ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। दिल्ली पुलिस ने डेटा भी जारी किया। इससे पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में जनवरी 2026 में दिल्ली में लापता लोगों के मामलों में कमी आई है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि दिल्ली में आबादी बढ़ने के बावजूद बीते एक दशक में लापता लोगों की संख्या काफी हद तक स्थिर रही है। दिल्ली पुलिस के डेटा से पता चलता है कि 2016 से अब तक कुल 1,80,805 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया गया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
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