
आतंक और अटैक के खिलाफ दिल्ली पुलिस की बड़ी तैयारी, करोड़ों रुपये से हाई टेक होगा बम स्क्वॉड
दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद और आईईडी हमलों से निपटने के लिए 35 करोड़ से अधिक का सबसे बड़ा आधुनिकीकरण अभियान शुरू किया है, जिसके तहत 46 नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर जैसे हाई-टेक उपकरणों की खरीद की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद और IED हमलों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आधुनिकीकरण अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए 35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। नए उपकरण खरीदे जा रहे हैं, बम स्क्वॉड की संख्या बढ़ाई गई है और लगातार ट्रेनिंग चल रही है।
हाई-टेक उपकरणों की बंपर खरीद
दिल्ली पुलिस ने कई आधुनिक उपकरणों के लिए ऑर्डर दे दिए हैं। इसमें 14.2 करोड़ रुपये के 46 नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर, 6 करोड़ रुपये के 26 फाइबर ऑप्टिक स्कोप, 5.3 करोड़ रुपये के 44 बम ब्लैंकेट, 24 टैक्टिकल बैलिस्टिक शील्ड, 28 इलेक्ट्रॉनिक स्टेथोस्कोप, 24 नाइट विजन मोनोकुलर और 9 IED कंटेनमेंट वेसल भी शामिल हैं। इनके अलावा टेलिस्कोपिक मैनिपुलेटर, डीप सर्च मेटल डिटेक्टर और M-Ion वाष्प डिटेक्टर भी खरीदे गए हैं, जो हवा में मौजूद विस्फोटक कणों का पता लगा सकते हैं।
बम स्क्वॉड की संख्या 60% बढ़ी
पहले दिल्ली में केवल 5 बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड थे। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 8 कर दी गई है। कुल 18 बॉम्ब डिटेक्शन टीम्स और 8 डिस्पोजल स्क्वॉड अब शहर के करीब दो दर्जन स्थानों पर तैनात हैं। इससे किसी भी जगह पर तुरंत पहुंचना आसान हो गया है।
आर्मी के पूर्व कमांडो अब दिल्ली पुलिस में
टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब MARCOS, पैरा कमांडो और इन्फैंट्री के पूर्व सैनिकों को बम स्क्वॉड में शामिल किया जा रहा है। इनके युद्धक्षेत्र के अनुभव से शहर में IED से निपटने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
NSG के साथ लगातार विशेष ट्रेनिंग
इस साल दिल्ली पुलिस के जवान NSG के साथ लगातार ट्रेनिंग ले रहे हैं। नवंबर में 6 जवान मानेसर में ‘विस्फोट कवच’ अभ्यास में शामिल हुए। ऑपरेशन सिंदूर के बाद 150 जवानों को अनएक्सप्लोडेड बम हैंडल करने की ट्रेनिंग दी गई। 86 जवानों ने 15 दिन का IED अवेयरनेस कोर्स पूरा किया। वहीं 75 जवानों को एडवांस्ड सिक्योरिटी चेक की ट्रेनिंग मिली।





