दिल्ली के तुर्कमान गेट में भीड़ को भड़काने वाले 10 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की लिस्ट तैयार
दिल्ली पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि हिंसा केवल अचानक उपजा आक्रोश नहीं थी, बल्कि इसे सोशल मीडिया के जरिये हवा दी गई थी। जांच टीम ने 10 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की पहचान की है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।

मध्य दिल्ली का तुर्कमान गेट इलाका भारी सुरक्षा घेरे में है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी और हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार शाम पुलिस ने बलवे में शामिल दो और मुख्य आरोपी 36 वर्षीय मोहम्मद इमरान और 26 वर्षीय मोहम्मद उबैदुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अब तक कुल 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि दर्जनों अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने भड़काई आग
पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि हिंसा केवल अचानक उपजा आक्रोश नहीं थी, बल्कि इसे सोशल मीडिया के जरिये हवा दी गई थी। जांच टीम ने 10 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स की पहचान की है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। इन लोगों ने घटना के वक्त भड़काऊ वीडियो बनाकर यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लैटफॉर्म्स पर शेयर किए थे। वीडियो में ये इंफ्लूएंसर्स ‘मस्जिद बचाने’ के नाम पर भावनात्मक अपील कर रहे थे और लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में तुर्कमान गेट पहुंचने के लिए उकसा रहे थे। पुलिस ने इन सभी के चैनल लिंक और वीडियो साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिए हैं। इनमें से खालिद मालिक, सईद उमैर अली, ऐमन रिजवी और सलमान खान की पहचान पत्थरबाजी के दौरान मौके पर मौजूदगी के रूप में हुई है। ये सभी फिलहाल फरार हैं, जिनकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए सीडीआर और सर्विलांस की मदद ली जा रही है।
ड्रोन से सख्त निगरानी
शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात रहीं। संकरी गलियों और ऊंची इमारतों पर ड्रोन के जरिये नजर रखी गई। चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फीड सीधे कंट्रोल रूम भेजी जा रही है। तुर्कमान गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़कें बंद रहीं।
नमाज पर पाबंदी नहीं
इलाके में व्याप्त अफवाहों को खारिज करते हुए पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी मस्जिद में नमाज पढ़ने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल शांति बनाए रखने के लिए है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, निषेधात्मक आदेश हटा लिए जाएंगे। दूसरी ओर, स्थानीय व्यापारियों में इस गतिरोध को लेकर चिंता है। रास्ते बंद होने से करोबार ठप रहा।
लोगों ने मांगी अमन की दुआ
तुर्कमान गेट के पास सैयद फेज इलाही मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज अमन और शांति के संदेश के साथ पढ़ी गई। हालांकि, आसपास के घरों के लोग मस्जिद में नहीं पहुंचे। नमाज मस्जिद प्रबंध समिति के प्रतिनिधियों और स्टाफ के सदस्यों ने अदा की। निगम और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थानीय नागरिकों के लिए कोई रोक नहीं थी। सुरक्षा कारणों से शुक्रवार को दिन सुरक्षा बल इलाके में तैनात रहे।
आठ आरोपी 21 तक न्यायिक हिरासत में
वहीं, तीस हजारी कोर्ट ने तुर्कमान गेट इलाके में हुए पथराव के मामले में शुक्रवार को आठ आरोपियों को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की।





