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चेहरा छिपाया तो भी खैर नहीं, चाल से पकड़े जाएंगे गुनहगार; दिल्ली पुलिस का नया हथियार!

चेहरा छिपाया तो भी खैर नहीं, चाल से पकड़े जाएंगे गुनहगार; दिल्ली पुलिस का नया हथियार!

संक्षेप:

दिल्ली पुलिस 'गेट एनालिसिस' तकनीक के जरिए बदमाशों के चलने के अंदाज से उनकी पहचान करेगी। तिमारपुर के मर्डर केस को सुलझाने में इस वैज्ञानिक तरीके ने अहम भूमिका निभाई है।

Feb 10, 2026 06:09 am ISTAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, रमेश त्रिपाठी। नई दिल्ली
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चेहरा ढंककर या वारदात के बाद भेष बदलकर सालों तक पुलिस को चकमा देने वाले अपराधियों के लिए अब छिपना आसान नहीं होगा। पुलिस अब बदमाशों की चाल देखकर उनकी पहचान कर लेगी।

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इसके लिए पुलिस 'गेट एनालिसिस' तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। अब तक इस तकनीक का उपयोग मेडिकल की जांच के दौरान डॉक्टर करते थे। अब यह तकनीक पुलिस का सशक्त हथियार बनने जा रही है। बीते साल पुलिस हत्या की एक गुत्थी भी इस तकनीक से सुलझा चुकी है। इसके अलावा पुलिस दो और तकनीकों का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है।

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ऐसे करती है काम

'गेट एनालिसिस' तकनीक का इस्तेमाल अब तक मेडिकल क्षेत्र में किया जाता रहा है। अमूमन फिजियोथेरेपिस्ट, हड्डी रोग विशेषज्ञ खिलाड़ियों की बीमारियां का पता लगाने के लिए उनके चलने के तरीके का अध्ययन करते थे। इसमें एथलीट को कहां दर्द है? या चलने में क्या दिक्कत आ रही है? इसका विश्लेषण किया जाता है। दरअसल, हर इंसान के चलने का तरीका अलग होता है। चाल के दौरान शरीर के किसी हिस्से का झुकाव, हाथ का अंदाज और पैरों का झुकाव ये सभी चीजें किसी एक व्यक्ति की दूसरे से अलग होती हैं। पुलिस इसी तकनीक की से अपराधियों की पहचान कर रही है।

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हत्या का केस सुलझाने में मददगार तकनीक

दिल्ली पुलिस ने तिमारपुर इलाके में हुई 32 वर्षीय यूपीएससी अभ्यर्थी रामकेश मीना की हत्या के मामले को सुलझाने में पहली बार 'गेट एनालिसिस' तकनीक का इस्तेमाल किया। मामले की जांच में चलने के पैटर्न का वैज्ञानिक विश्लेषण कर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा। रामकेश की हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर ने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो आरोपी का चेहरा स्पष्ट नहीं था। जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर कुछ संदिग्धों की सूची तैयार की। इसके बाद सीसीटीवी में दिखाई दे रहे संदिग्धों के चलने की गति, कदमों का संतुलन और शरीर की बनावट का उन संदिग्धों से मिलान किया, तो वे पूरी तरह मेल खा गए। इसके बाद आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया कि गुजरात से फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाकर सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहे संदिग्धों के चलने के तरीके का विश्लेषण कर आरोपियों को पकड़ा गया।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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