दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता, 28 साल से फरार पुलिसकर्मी का हत्यारोपी ‘डॉक्टर झटका’ गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच हरियाणा के एक पुलिसकर्मी का हत्या के आरोप में 28 साल से फरार चल रहे एक वॉन्टेड बदमाश गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी नए नाम ‘डॉक्टर झटका’ और पहचान के साथ मध्य प्रदेश में नई जिंदगी जी रहा था।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने हत्या के मामले में 28 साल से फरार चल रहे कुख्यात बदमाश राजेंद्र बैरागी उर्फ राजिंदर सिंह यादव उर्फ ‘डॉ. झटका’ को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा उसे मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली से पकड़ा गया। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी पहचान बदल ली थी। वह एक क्लीनिक का संचालन कर रहा था।
हथकड़ी समेत पुलिस हिरासत से हो गया था फरार
53 वर्षीय डॉ. झटका हरियाणा पुलिस के एक जवान की बेरहमी से हत्या और हथकड़ी समेत पुलिस हिरासत से फिल्मी अंदाज में भागने के मामले में वॉन्टेड था। क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपी वर्ष 1999 में यूपी पुलिस की हिरासत से गन्नौर रेलवे स्टेशन पर हथकड़ी लगे होने के बावजूद फरार हो गया था।
नए नाम और पहचान के शुरू किया नया कारोबार
इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर मध्य प्रदेश में नई जिंदगी शुरू कर दी। वहां पर वह एक छोटे से क्लीनिक का संचालन करता था। प्रॉपर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम भी करता था। स्थानीय लोग उसे ‘डॉ. झटका’ के नाम से जानते थे।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि पिछले कुछ समय से उनकी टीम ने जघन्य अपराधों में शामिल लंबे समय से फरार चल रहे बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चला रखा है। इसी क्रम मे आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिये उसकी नई पहचान और लोकेशन का पता चला। इसके बाद क्राइम ब्रांच द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
शादी समारोह में चलाई थी अंधाधुंध गोलियां
पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि 10 मई 1998 को सोनीपत के गांव सैयां खेड़ा में एक शादी समारोह के दौरान विवाद के बाद उसने अपने साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में हरियाणा पुलिस के जवान जय भगवान की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में उसके खिलाफ गन्नौर थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है। पुलिस को इस केस में लंबे समय से उसकी तलाश थी।
बदल ली थी पहचान
पुलिस ही हिरासत से फरार होने के बाद आरोपी पहले महाराष्ट्र चला गया था और फिर वहां से मध्य प्रदेश में आकर बस गया। वहां उसने राजेंद्र सिंह यादव के नाम से दस्तावेज बनवा लिए। वर्ष 2003 में उसने शादी की और पिछले दो दशक से सामान्य नागरिक की तरह जीवन बिता रहा था।


