जंतर-मंतर से सबक, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने अब हर प्रोटेस्ट से पहले ये 10 जानकारी जुटाने का दिया आदेश
CJP के प्रोटेस्ट से निपटने के तरीके की आलोचना के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने फोर्स के इंटेलिजेंस सिस्टम को बेहतर बनाने को हर तय विरोध-प्रदर्शन से पहले कम से कम 10 खास जानकारियां जुटाने का आदेश दिया है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने जंतर-मंतर पर बीते महीने हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से सबक लेते हुए इंटेलिजेंस सिस्टम को बेहतर बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस विंग से कहा है कि वे जानकारी जुटाने के अपने प्रयासों को बढ़ाए और हर तय विरोध-प्रदर्शन से पहले कम से कम 10 खास जानकारियां इकट्ठा करें।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि यह निर्देश इस महीने की शुरुआत में दिए गए। इनमें कमिश्नर ने स्पेशल ब्रांच से कहा है कि वे आगे विरोध-प्रदर्शन करने वाले ग्रुप्स के बारे में और ज्यादा ''विस्तृत और काम की जानकारी वाली रिपोर्ट'' तैयार करें।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच इंटेलिजेंस इकट्ठा करने का काम देखने वाली आमतौर पर विरोध प्रदर्शन की जगह और उसमें शामिल होने वाले लोगों की अनुमानित संख्या जैसी बुनियादी जानकारी जुटाती है।
खुफिया जानकारी के 10 खास बिंदु
दिल्ली पुलिस चीफ की तरफ से इंटेलिजेंस विंग को ये 10 जानकारियां :- विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों का प्रोफाइल, राज्य-वार भागीदारी, भीड़ जुटाने के तरीके, नेताओं और मुख्य पदाधिकारियों के नाम, प्रदर्शनकारियों का एजेंडा या मांगें, ठहरने और आने-जाने की जगहें, स्थानीय संपर्क और संबंध, संगठनात्मक जुड़ाव, फंडिंग के सोर्स, लॉजिस्टिकल इंतजाम जैसी सूचनाएं इकट्ठा करने और उनका विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदर्शन से पहले पुलिस की तैयारी को बेहतर बनाना मकसद
पुलिस सूत्रों ने कहा कि इन निर्देशों का मकसद विरोध-प्रदर्शनों और सार्वजनिक सभाओं से पहले पुलिस की तैयारी को बेहतर बनाना है, खासकर उन प्रदर्शनों में जिनमें दिल्ली के बाहर के लोग या कई संगठन शामिल हों। कमिश्नर का जोर ऐसी जानकारी इकट्ठा करने पर है, जिससे फोर्स को पहले से ही ऐसी सभाओं के कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले असर का आकलन करने में मदद मिल सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फील्ड यूनिट्स को मोटे अनुमान के बजाय वेरिफाइड, खास और काम की जानकारी प्रदान करने के लिए कहा गया है। अधिकारी ने कहा कि इसका मकसद केवल यह समझना नहीं है कि विरोध कहां हो रहा है, बल्कि इसके पीछे कौन लोग हैं, भीड़ कैसे जुटाई जा रही है, वे कहां से आ रहे हैं और लोकस सपोर्ट सिस्टम क्या हैं।
वायरलेस कम्युनिकेशन नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश
सूत्र ने बताया कि पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि वायरलेस कम्युनिकेशन नेटवर्क की अच्छी तरह से जांच करने और किसी भी कमी को तुरंत ठीक करने को कहा है। सभी सुपरवाइजरी और ऑपरेशनल अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने वायरलेस सेट पर उपलब्ध रहें ताकि जानकारी तेजी से पहुंच सके और कमांड से जुड़े फैसले बिना देरी के बताए जा सकें।
जुलाई में सीजेपी ने किया था प्रोटेस्ट
गौरतलब है कि जुलाई महीने में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस पर हुए विरोध प्रदर्शनों में उम्मीद से कहीं अधिक लोग शामिल हुए थे, जिससे इंटेलिजेंस जुटाने की प्रक्रिया में कमियां उजागर हुईं थी। 20 जुलाई को पुलिस को उस समय हैरानी का सामना करना पड़ा जब कम से कम 50,000 युवा दिल्ली के बीचों-बीच सड़कों पर उतर आए और शिक्षा में सुधार की अपनी मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। इसके बाद हिंसक झड़पें हुईं और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठियों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की काफी आलोचना हुई।


