कैसे दिल्ली पुलिस ने किया ड्रग्स गैंग का पर्दाफाश, थाईलैंड और दुबई तक फैला जाल
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल का भंडाफोड़ किया है, जिसके मुख्य सरगना, जो एक बर्खास्त पूर्व कस्टम्स अफसर है, को गिरफ्तार कर 42 करोड़ से अधिक की हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त की है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक हाई-टेक ड्रग्स कार्टेल को धराशायी कर दिया। यह कार्टेल भारत, थाईलैंड और दुबई तक फैला हुआ था। पुलिस ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है, जो एक पूर्व कस्टम्स अफसर है। पुलिस ने 42 करोड़ रुपये से ज्यादा की सुपर-पावर वाली हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त की।
इंजीनियर से 'ड्रग किंग' तक का सफर
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी 35 साल का रोहित कुमार शर्मा उर्फ रोबित है। वह इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक है और नजफगढ़ का रहने वाला है। उसने 2015 में सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट जॉइन किया था। लेकिन 2019 में केरल के कन्नूर एयरपोर्ट पर 3 किलो सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुआ। 2023 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद वह दुबई चला गया। वहां बिहार के अभिषेक से मिला। दोनों ने मिलकर थाईलैंड से भारत में 'समुद्री' वीड लाने का प्लान बनाया। पुलिस ने 21.5 किलो हाई-एंड 'ओशन-ग्रोन (OG)' वीड, 44.4 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी SUV बरामद की।
जासूसी फिल्म जैसा ऑपरेशन
पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि बड़ा कंसाइनमेंट दिल्ली आने वाला है। पुलिस ने जनक सिनेमा के पास घेराबंदी की। रोबित को रंगे हाथों पकड़ लिया। DCP (क्राइम) संजीव यादव ने कहा, "यह गिरोह बैंकॉक से माल भेजता था। लेकिन कम ट्रैफिक वाले एयरपोर्ट्स चुनता था ताकि नजर न पड़े।"
खाने की पैकेट में छिपा ड्रग्स
रोबित ने अपनी पुरानी कस्टम्स जानकारी का फायदा उठाया। ड्रग्स को आम खाने की चीजों जैसे पैकेट्स में छिपाकर भेजता था। इससे स्कैनर भी धोखा खा जाते थे। वह अपने पुराने कनेक्शंस से ड्रग म्यूल्स को आसानी से क्लियर करवाता था। दिल्ली पहुंचते ही माल हाई-प्रोफाइल पार्टी ऑर्गेनाइजर्स, डीलर्स और NCR समेत बड़े शहरों के अमीर ग्राहकों तक पहुंच जाता था। पैसा हवाला से लॉन्डर होता था। फिर क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर दुबई भेजा जाता था।
क्या है हाइड्रोपोनिक मारिजुआना?
यह कोई साधारण गांजा नहीं है। इसे हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाया जाता है। THC लेवल 30-40% तक होता है। इसका असर कोकीन जितना जोरदार है। अमीरों की पार्टियों में यह बहुत लोकप्रिय है। लोग इसे सिगरेट में टोबैको मिलाकर पीते हैं। पानी की पाइप से स्मूथ हिट लेते हैं। या वेपोराइजर से इस्तेमाल करते हैं। पुलिस ने कहा, "यह ऑर्गेनाइज्ड क्राइम का गोल्ड माइन है।"
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका है। रोबित पुलिस कस्टडी में है। बाकी सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही उन मददगारों की भी खोज हो रही है जो ड्रग्स फ्लो में शामिल थे।


