परीक्षा में कराते थे नकल, दिल्ली में पकड़ा गया गिरोह; हिरासत में 32 छात्र

Apr 08, 2026 09:22 pm ISTKrishna Bihari Singh पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस ने द्वारका में परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर सिस्टम हैक करके पेपर हल करवाता था। 

परीक्षा में कराते थे नकल, दिल्ली में पकड़ा गया गिरोह; हिरासत में 32 छात्र

दिल्ली पुलिस ने द्वारका में परीक्षा में नकल कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। नकल कराने का यह गिरोह रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए कंप्यूटर सिस्टम हैक करके पेपर सॉल्व कराता था। एक अधिकारी ने बताया कि रैकेट में कंप्यूटर सिस्टम तक रिमोट एक्सेस के जरिए पहुंच बनाना और कॉलेज के छात्रों से सवालों के जवाब लिखवाना शामिल था। इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 32 छात्रों को हिरासत में लिया है।

मास्टरमाइंड गिरफ्तार

अधिकारी ने बताया कि द्वारका की 'हैप्पी होम्स' इमारत में संदिग्ध गतिविधियां की खबर मिलने पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस की एक टीम ने वहां से कई लोगों को वहां पाया। कई लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड हर्ष वर्धन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पटना के रहने वाले 28 वर्षीय हर्ष वर्धन ने इस रैकेट को चलाने की बात मानी।

दूसरों को परीक्षा में बिठाने का करता था इंतजाम

यह गिरोह मुंबई के एक प्रसिद्ध मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की प्रवेश परीक्षा में असली उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोगों को बिठाने का इंतजाम करता था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परीक्षा राजस्थान के जयपुर में एक आईटी लैब में थी।

कंप्यूटर सिस्टम तक करता था एक्सेस

गिरोह एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके लैब के कंप्यूटर सिस्टम तक रिमोट एक्सेस हासिल कर लेता। उसके पास उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड थे। गिरोह साथियों के साथ मिलकर दूर से ही परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर करता था।

छात्रों को 'पेपर सॉल्वर' के तौर पर करता था भर्ती

पुलिस ने बताया कि प्रांजल नाम का एक आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शैक्षणिक सवालों के जवाब देने के बहाने कॉलेज के छात्रों को 'पेपर सॉल्वर' के तौर पर भर्ती करता था। इन छात्रों यानी पेपर सॉल्वरों को हर सवाल पर 500 से 1,000 रुपये के बीच भुगतान किया जाता था। मौके से डीयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, डीटीयू, आईआईटी और NIT सहित विभिन्न कॉलेजों के 32 छात्र पाए गए। गहन पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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