एनकाउंटर के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के 2 गुर्गे गिरफ्तार, एक पर 5000 रुपए का इनाम

Feb 16, 2026 04:46 pm ISTSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हथियारों, गोला-बारूद और वाहनों की जब्ती के साथ अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। मुठभेड़ के दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी।

एनकाउंटर के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के 2 गुर्गे गिरफ्तार, एक पर 5000 रुपए का इनाम

दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हथियारों, गोला-बारूद और वाहनों की जब्ती के साथ अवैध हथियार सप्लाई करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। मुठभेड़ के दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी।

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बाहरी दिल्ली में हुई एक मुठभेड़ के बाद हिमांशु भाऊ गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ ​​मोगली और चंदर भान के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के कई मामलों में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि विक्की पर हत्या के मामलों के संबंध में हरियाणा पुलिस ने 5000 रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि भाऊ गैंग के सदस्य दिल्ली में एक बड़े अपराध की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने 22 और 23 जनवरी की दरमियानी रात को हिरंकुडना-दिचौन कलां सड़क पर यूईआर-II फ्लाईओवर के नीचे आरोपियों को रोका तो उन्होंने भागने की कोशिश में गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी के दौरान विक्की ने कथित तौर पर दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी।

पुलिस कर्मियों ने जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली मारकर काबू किया और गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि विक्की से एक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जबकि चंदर भान से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उनके द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी भी जब्त कर ली गई।

उसके बाद पुलिस हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस ने अवैध हथियार आपूर्ति श्रृंखला से कथित तौर पर जुड़े तीन और लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी यामीन खान, गौतम बुद्ध नगर निवासी सतीश कुमार उर्फ ​​डल्लू और दिल्ली निवासी ईश्वर सिंह उर्फ ​​सोनू शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सूचना पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न स्थानों से और भी सामान बरामद किया गया है। अब तक इस मामले में कुल पांच पिस्तौल, 28 जिंदा कारतूस और दो गाड़ियां जब्त की गई हैं।

पुलिस के अनुसार, विक्की 2012 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और कथित तौर पर दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय हिमांशु भाऊ गिरोह से जुड़े अन्य गिरोह सदस्यों के साथ संबंध रखता है। पुलिस के मुताबिक पेशे से ड्राइवर चंदर भान ने कथित तौर पर प्रभाव और पैसों के लालच में विक्की का साथ दिया। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और अंतरराज्यीय हथियार आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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