दिल्ली में 2 लाख का इनामी बदमाश गिरफ्तार, गैंगस्टर रोहित चौधरी के गुर्गे से विदेशी पिस्टल बरामद
दिल्ली पुलिस ने 2 लाख रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गैंगस्टर रोहित चौधरी से जुड़े इस बदमाश का संबंध अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है।

दिल्ली पुलिस ने 2 लाख रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गैंगस्टर रोहित चौधरी से जुड़े इस बदमाश का संबंध अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर रोहित चौधरी के एक करीबी सहयोगी को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल ने एक विशेष अभियान के दौरान की। आरोपी के पास से इटली में बनी एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि यह मामला गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। इस ताजा गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 14 हो गई है। हथियार तस्करी नेटवर्क की चल रही जांच के दौरान अब तक 25 अत्याधुनिक विदेशी हथियार और 221 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
इस बीच, एक अलग ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अन्य बदमाश को गिरफ्तार किया। उस पर केएन काटजू मार्ग थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज था। आरोपी की पहचान गुफरान के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है। वह कई महीनों से फरार चल रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला मार्च 2025 का है। पुलिस ने गौरव नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक देसी पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि हथियार गुफरान और उसके भाई अहसान ने सप्लाई किए थे। बार-बार छापेमारी के बावजूद दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचने में कामयाब रहे। 2 फरवरी 2026 को रोहिणी कोर्ट ने उन्हें घोषित अपराधी करार दिया।
खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस के ज़रिए गुफरान की हरकतों पर नजर रखी। आखिरकार, 8 मई को पुलिस ने मेरठ जिले के दादरी गांव के पास जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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