
विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, दिल्ली पुलिस ने असिस्टेंट बैंक मैनेजर समेत 3 को दबोचा
दिल्ली पुलिस ने निजी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर सहित तीन को ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगारों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस के साइबर थाना पुलिस ने निजी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपी बेरोजगारों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के केतन दीपक कुमार, संजीब मंडल, और रवि कुमार मिश्रा के पास से दो लैपटॉप, छह मोबाइल फोन (कॉलिंग डिवाइस के साथ) और 50 हजार रुपए नगदी बरामद की है।
सारे आरोपी डिग्रीधारी
आरोपियों में केतन दीपक कुमार को बीटेक (सीएम) ड्रॉपआउट है। उसने कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है। संजीब मंडल एमबीए स्नातक है। रवि कुमार बीएससी स्नातक है और एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है।
विदेश में नौकरी दिलाने का वादा
पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि पीड़ित एके सहाय ने अपने साथ हुई ठगी की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कोरोना के दौरान उनकी नौकरी चली गई थी जिसके बाद से वह विदेश में नौकरी ढूंढ रहे थे। एक दिन उनके पास 'फ्लाईबोर्ड 6 नाम के ग्रुप से एक व्हाट्सएप मैसेज मिला। मैसेज पर एडुटेक कंसल्टेंट और ग्रुप एडमिन आदीस श्रीवास्तव ने पीड़ित से विदेश में नौकरी दिलाने का वादा किया।
पैसे लेकर बंद किया फोन
आरोपियों ने पीड़ित को न्यूजीलैंड में शेफ की नौकरी के बारे में बताया और उसकी सैलरी 2.80 लाख बताई गई। जिसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए फर्जी वीजा प्रतियां और फर्म पंजीकरण पत्र साझा किया। पीड़ित ने आरोपियों को 1.80 लाख दे दिया जिसके बाद आरोपियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों की शिकायत दी। एसएचओ प्रवेश कौशिक की टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अलग-अलग राज्यों में बैठकर ठगी
पुलिस टीम ने व्हाट्सऐप नंबरों और पैसे के ट्रांजैक्शन को एनालाइज करते हुए पाया कि आरोपी अलग अलग राज्यों में बैठे हुए थे। टेक्निकल ट्रेल से पता चला कि आरोपियों ने पहले पैसे यस बैक के एक म्यूल अकाउंट में जमा की फिर दूसरे अकाउंट में। इन अकाउंट की जानकारी निकालने पर पता चला कि एक अकाउंट हरियाणा के गुरुग्राम में चालू था। जबकि दूसरा अकाउंट गुजरात के आनंद जिले में चालू था। साथ ही डिवाइस लोकेशन भी गुजरात में ही चल रही थी।
पुलिस ने गुरुग्राम से किया अरेस्ट
सर्विलांस के बाद पुलिस ने आरोपी केतन दीपक कुमार ऋषिकेश, उत्तराखंड से प्राइमरी कॉलिंग डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में संजीब मंडल की जानकारी दी। जिसे पुलिस ने कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने बताया कि ठगी की रकम जमा करने के लिए बैंक अकाउंट उन्हें रवि कुमार मिश्रा देता था। इसे पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया।
बीटेक, एमबीए और बीएसई डिग्रीधारी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपी पढ़े लिखे थे। आरोपियों में शामिल संजीब कुमार मंडल ने दून बिजनेस स्कूल से एमबीए में स्नातक किया है। केतन दीपक कुमार ने गुजरात से बीटेक (सीएम) की पढ़ाई की थी, लेकिन बीच में छोड़ कर उसने कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा ले लिया। जबकि रवि कुमार मिश्रा हरियाणा से बीएससी ग्रेजुएट है और निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर काम करता है।





