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दिल्ली में फिर 20 बांग्लादेशी पकड़े, अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ अभियान जारी

दिल्ली में फिर 20 बांग्लादेशी पकड़े, अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ अभियान जारी

संक्षेप:

दिल्ली पुलिस ने फिर 20 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है, जो बिना वैध वीजा या यात्रा दस्तावेजों के रह रहे थे। बाहरी जिला पुलिस ने वैध वीजा के बिना रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इन्हें गिरफ्तार किया है।

Jan 08, 2026 12:39 pm ISTSubodh Kumar Mishra एएनआई, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस ने फिर 20 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है, जो बिना वैध वीजा या यात्रा दस्तावेजों के रह रहे थे। बाहरी जिला पुलिस ने वैध वीजा के बिना रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इन्हें गिरफ्तार किया है। अवैध विदेशियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के लिए वर्ष 2025 से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वैध दस्तावेजो के बिना वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रहने वाले 548 विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इन सभी को उचित कानूनी प्रक्रियाओं और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा जारी निर्वासन आदेशों के अनुसार हिरासत केंद्रों में भेज दिया गया है।

साल भर चले इस अभियान में कई पुलिस थानों और ऑपरेशनल यूनिटों की विशेष टीमें शामिल थीं। सबसे अधिक 318 गिरफ्तारियां फॉरेनर्स सेल द्वारा की गईं। उसके बाद निहाल विहार (134) और मुंडका (87) का स्थान रहा। अभियान में योगदान देने वाली अन्य यूनिटों में रानी बाग (1), रानहोला (5), पश्चिम विहार पूर्व (1) और साइबर पुलिस स्टेशन (2) शामिल थीं।

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गिरफ्तार किए गए विदेशियों में अधिकांश बांग्लादेश (380) से थे। उसके बाद नाइजीरिया (111) का स्थान था। अन्य विदेशियों में में आइवरी कोस्ट (17), घाना (13), सेनेगल (10), कैमरून (10), नाइजर (2), लाइबेरिया (1), रूस (1), गिनी (1), सिएरा लियोन (1) और गाम्बिया (1) शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति बाहरी जिले में वैध वीजा या यात्रा दस्तावेजों के बिना रह रहे थे। एफआरआरओ के समक्ष पेश किए जाने के बाद इन लोगों को निर्वासन आदेश के तहत हिरासत केंद्रों में भेज दिया गया।

यह अभियान बाहरी जिला के डीसीपी सचिन शर्मा की देखरेख में चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कानून व्यवस्था बनाए रखने और अनधिकृत निवास को रोकने के लिए जिला पुलिस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बाहरी जिला पुलिस ने दोहराया कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और आव्रजन कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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