
गुड न्यूज! दिल्ली में जल्द दौड़ेगी पॉड टैक्सी, मेट्रो रूट के पास बनेंगी ऊंची इमारतें
संक्षेप: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि दिल्ली में व्यस्त रास्तों पर पॉड टैक्सी का संचालन और मेट्रो रूट के 800 मीटर के दायरे में ऊंची इमारतों के निर्माण की नीति एक महीने में तैयार हो जाएगी, जिसका मकसद प्रदूषण कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।
दिल्ली के व्यस्त रास्तों पर पॉड टैक्सी का संचालन और मेट्रो रूट के 800 मीटर के दायरे में ऊंची इमारतों के निर्माण को मंजूरी देने की योजना पर काम चल रहा है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गुरुग्राम के एक होटल में आयोजित 18वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर इसपर नीति तैयार कर ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली में कोई टीओडी नीति (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) नहीं है। हरियाणा की तर्ज पर यहां भी नीति बनाई जाएगी।
मनोहर लाल ने बताया कि इस नीति का मकसद मेट्रो रूट के आसपास अधिक से अधिक लोगों के रहने का इंतजाम करना है। ऐसा होने के बाद उन्हें घर से बाहर निकलते ही सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल जाएगी।इससे निजी वाहन का प्रयोग कम हो जाएगा और प्रदूषण में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि नीति का निर्माण अंतिम चरण में है।
मनोहर लाल ने कहा कि मेट्रो स्टेशन के दोनों तरफ 500 मीटर लंबी सड़क की परिधि में कोई ऊंची इमारत बनती है तो स्टेशन से लेकर इमारत तक एफओबी या भूमिगत टनल का इंतजाम किया जाएगा। इससे लोगों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
क्या है टीओडी नीति
हरियाणा में वर्ष 2016 में टीओडी नीति बनी थी। इसके तहत मेट्रो रूट के दोनों तरफ 500 मीटर दूरी तक यदि कोई ऊंची इमारत बनती है तो उसमें प्रति एकड़ 600 लोगों के रहने के लिहाज से फ्लैट बनाए जा सकते हैं। इस तरह 500 से 800 मीटर दूरी तक 430 लोगों के रहने के लिहाज से फ्लैट का निर्माण किए जा सकते हैं।
प्रदूषण कम होगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुरानी दिल्ली में पॉड टैक्सी को एक पिलर बनाकर तारों पर चलाया जा सकता है, जिससे कम जमीन की जरूरत होगी। पॉड टैक्सी में छह से दस लोग सफर कर सकते हैं।





