
‘धनवर्षा’ के लालच में गईं 3 जान, दिल्ली के पीरागढ़ी में ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री सॉल्व, तांत्रिक बाबा अरेस्ट
दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक बंद कार के अंदर मिले तीन लोगों के शवों के सिलसिले में बुधवार को एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी कमरुद्दीन पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
दिल्ली की आउटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने एक सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए आज एक तांत्रिक बाबा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कथित तौर पर पैसों के फायदे के लिए सोची-समझी साजिश के तहत तीन लोगों की हत्या कर दी थी। बता दें कि बीते रविवार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी एक बंद कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी कमरुद्दीन उर्फ बाबा उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है। वह अभी लोनी और फिरोजाबाद में एक तथाकथित तांत्रिक सेंटर चला रहा था। दिल्ली पुलिस ने पश्चिम विहार ईस्ट में आरोपी तांत्रिक पर हत्या और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आदतन अपराधी है और पहले भी गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उस पर राजस्थान के धौलपुर और यूपी के फिरोजाबाद में आपराधिक मामलों का पता चला है।
‘धन वर्षा’ कराने के बहाने लोगों को बनाता था शिकार
पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तांत्रिक क्रियाओं के जरिये ‘धनवर्षा’ कराने के बहाने भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह पीड़ितों का भरोसा जीतता, उन्हें दिमागी तौर पर प्रभावित करता और उन्हें मारने के लिए लड्डू में जहर मिलाकर देता और उनसे कैश और कीमती सामान लूट लेता था।
मरने वालों में कौन-कौन था शामिल
गौरतलब है कि 8 फरवरी को पश्चिम विहार ईस्ट थाने में एक पीसीआर कॉल आई जिसमें बताया गया कि एक सफेद कार के अंदर एक महिला सहित तीन लोग बेहोश पड़े हैं। पुलिस स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान रणधीर (76), शिव नरेश सिंह (42) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में हुई थी। रणधीर ड्राइवर सीट पर और अन्य दो पीछे की सीट पर बैठी हुई अवस्था में थे। रणधीर दिल्ली के बापरोला गांव के रहने वाले थे। वहीं पेशे से प्रॉपर्टी डीलर शिव नरेश नागली डेयरी इलाके में रहते थे। वहीं, लक्ष्मी नामक महिला जहांगीरपुरी में रहती थी।
कार में मिलीं शराब की बोतलें
पुलिस द्वारा गाड़ी की जांच के दौरान, शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, खाली गिलास, मोबाइल फोन, कैश, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड, निजी सामान और दूसरे डॉक्यूमेंट्स मिले।
तीनों के परिवारों ने सुसाइड की बात से किया था इनकार
पुलिस की जांच के दौरान तीनों ही मरने वालों के परिवार वालों ने सुसाइड की बात से इनकार किया और मौत के हालात पर शक जताया। पुलिस द्वारा मामले को बहुत गंभीरता से लिया गया। डिटेल्ड टेक्निकल एनालिसिस और जुड़े हुए लोगों से पूछताछ से पता चला कि तीनों मृतक कमरुद्दीन नाम के एक तांत्रिक के संपर्क में थे, जिसने उन्हें पूजा-पाठ के जरिये पैसों का फायदा कराने का भरोसा दिया था।
टेक्निकल जांच में ये बातें आईं सामने
1. तीनों मृतक घटना से एक दिन पहले गाजियाबाद के लोनी गए थे।
2. घटना वाले दिन वे फिर से लोनी गए और कमरुद्दीन के संपर्क में रहे।
3. टेक्निकल सबूतों से पता चला कि जब वे लौट रहे थे तो कार में एक और व्यक्ति मौजूद था।
4. आगे की जांच से पता चला कि वह चौथा आदमी कमरुद्दीन था, जो लोनी से गाड़ी में चढ़ा और बाद में मामला सामने आने से पहले घटनास्थल से गायब हो गया था।
पुलिस द्वारा कमरुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने जांच को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ के दौरान वह टूट गया। आरोपी ने बताया कि लगभग दो महीने पहले जहांगीरपुरी निवासी सलीम के जरिये लक्ष्मी से उसकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद उसने शिव नरेश और रणधीर से मिलवाया। उसने उन्हें ‘धनवर्षा’ के लिए तांत्रिक क्रिया कराने के लिए मनाया और उनसे शराब और कोल्ड ड्रिंक्स के साथ 2 लाख कैश लाने को कहा था।
उसने आगे बताया कि उसने जहर मिले लड्डू बनाए और उनके साथ उनकी कार में गया। सफर के दौरान उसने तीनों लोगों को शराब, कोल्ड ड्रिंक और जहरीले लड्डू खाने को दिए। जब वे बेहोश हो गए तो उसने कैश लिया और गाड़ी से भाग गया।





