DTC बस से कुचले छोटे भाई को जूते देख पहचाना, दिल्ली में छिना 2 परिवारों का सहारा
दिल्ली के निहाल विहार में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे में रविकांत शर्मा की मौत हो गई। उनके बड़े भाई शशिकांत ने बताया कि रविकांत ट्रांसपोर्ट का काम करते थे और माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। दोनों भाई आस-पास रहते हैं।
दिल्ली के निहाल विहार में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे में रविकांत शर्मा की मौत हो गई। उनके बड़े भाई शशिकांत ने बताया कि रविकांत ट्रांसपोर्ट का काम करते थे और माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। दोनों भाई आस-पास रहते हैं। सोमवार सुबह रविकांत स्कूटी से ऑफिस के लिए निकले थे।
शशिकांत पीछे-पीछे फैक्ट्री जा रहे थे और दुर्घटनास्थल पर उनकी स्कूटी पड़ी देखकर शंका हुई। आसपास के लोगों से पूछने पर हादसे की जानकारी मिली। शशिकांत ने भाई के जूते देखकर उसकी पहचान की। घायल को ई-रिक्शा से सत्यभामा अस्पताल ले जाया गया और वहां से महाराजा अग्रसेन अस्पताल भेजा गया, जहां रविकांत को मृत घोषित कर दिया गया। रविकांत के परिवार में पत्नी और पांच साल की बेटी हैं। इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।
इकलौता सहारा था
इस हादसे में नांगलोई निवासी 39 वर्षीय कमलजीत शर्मा की भी मौत हो गई। वह खारी बावली स्थित एक फर्म में सेल्समैन थे। कमलजीत की पत्नी से उनका तलाक हो चुका था और वह अपने माता-पिता के साथ रहते थे। बताया जाता है कि वह माता-पिता का ख्याल रखते थे। सोमवार सुबह वह बाइक से अपने ऑफिस खारी बावली जा रहे थे, तभी रास्ते में हादसे का शिकार हो गए।
फुटेज से दंगाइयों की तलाश
पुलिस के अनुसार, उपद्रव के दौरान कई सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे करीब 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा राहगीरों द्वारा बनाई गई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनकी मदद से दंगाइयों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जब बसों पर पथराव हुआ, तब उनमें सवारियां भी मौजूद थीं। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन बड़ा हादसा हो सकता था।
पांच सौ लोगों ने आधे घंटे तक तोड़फोड़ की
नजफगढ़ रोड पर दुर्घटना के बाद करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी और उपद्रव का माहौल रहा। घटना से नाराज स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। लगभग 500 लोगों ने सड़क पर हंगामा किया और वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया। तेज रफ्तार डीटीसी बस ने सबसे पहले स्कूटी सवार रविकांत शर्मा को टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बस अनियंत्रित होकर कई वाहनों से टकराई और कुछ दूरी पर जाकर रुकी। स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपद्रवियों ने बस और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की।
कुल हादसे: लगभग 150
डीटीसी बसें : 97 हादसों में शामिल थीं, जिनमें से 21 घातक थे
क्लस्टर बसें : 50 हादसों में शामिल थीं, जिनमें से 20 घातक थे
गंभीरता का स्तर : 15 हादसों को बड़ी दुर्घटना और 61 को मामूली श्रेणी में रखा गया
प्रभावित वाहन : ज्यादातर हादसे 12-मीटर लंबी मानक लो-फ्लोर बसों से हुए
नोट - ये आंकड़े वर्ष 2024-25 के हैं
सुरक्षा के लिए ये उपाय किए जा रहे
● सीसीटीवी निगरानी: ड्राइवरों और कंडक्टरों के व्यवहार, ओवरस्पीडिंग और लेन अनुशासन की रीयल-टाइम निगरानी के लिए बसों में लगे कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
● अनिवार्य प्रशिक्षण: सभी ड्राइवरों (कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ सहित) के लिए सेफ्टी ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स अनिवार्य कर दिए गए हैं।
● शराब की जांच : ड्यूटी शुरू करने से पहले हर डिपो पर ड्राइवरों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य किया गया है ताकि शराब पीकर गाड़ी चलाने पर रोक लग सके।
बस ऑपरेटर को नोटिस, चालक पर कार्रवाई होगी
क्लस्टर बस से हुई भीषण सड़क दुर्घटना के मामले में डीटीसी ने बस ऑपरेटर को नोटिस जारी किया है। ऑपरेटर को निर्देश दिया गया है कि हादसे के समय बस चला रहे चालक की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाएं और मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही डीटीसी ने दुर्घटना की विस्तृत जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
डीटीसी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 9:35 बजे रूट नंबर 708 (नजफगढ़-नरेला) पर चल रही क्लस्टर बस निलोठी मोड़, नांगलोई के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस बवाना डिपो-5 से संचालित होती है और इसका संचालन इंटैक्ट मोटर्स कंपनी कर रही थी। घटना के समय बस चालक दीपक वाहन चला रहा था। हादसे के बाद डीटीसी ने बस ऑपरेटर इंटैक्ट मोटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पुलिस ने ड्राइवर-कंडक्टर को हिरासत में लिया
फिलहाल बस चालक और कंडक्टर दोनों पुलिस हिरासत में हैं। जांच के बाद जल्द ही रिपोर्ट सौंपेगी। डीटीसी ने सभी बस ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं कि चालकों के लिए नियमित रिफ्रेशर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


