दिल्ली को कचरे के पहाड़ों से मिलेगी मुक्ति; 5 नए वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगा MCD

लाइव हिन्दुस्तान, राहुल मानव, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

MCD ने कचरा प्रबंधन के लिए भलस्वा, ओखला, सिंघोला, गाजीपुर और नरेला-बवाना में करीब 596 करोड़ रुपये की लागत से 5 नई परियोजनाएं मंजूर की हैं। इनसे हर दिन 5900 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा।

दिल्ली को कचरे के पहाड़ों से मिलेगी मुक्ति; 5 नए वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगा MCD

दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी प्रशासन अपशिष्ट प्रबंधन और कूड़े के निस्तारण के लिए पांच परियोजनाओं को शुरू करेगा। इसके मद्देनजर भलस्वा, ओखला, सिंघोला, गाजीपुर और नरेला-बवाना में कुल 5900 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता के कूड़े के निस्तारण की आधुनिक संसाधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं पर लगभग 596 करोड़ रुपये की लगात आएगी। इस परियोजना को महापौर प्रवेश वाही और स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने स्वीकृति दी। इस संबंध स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली में कूड़े के नए पहाड़ बनने से रोकने और लैंडफिल स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एमसीडी ने पांच बड़ी कचरा संसाधित करने से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

बनाई गई नई योजना

निगम पिछले कई वर्षों से राजधानी के तीन प्रमुख लैंडफिल स्थलों पर जैव खनन (बायोमाइनिंग) के जरिए पुराने कूड़े के पहाड़ खत्म करने का काम कर रहा है। इसके बावजूद प्रतिदिन हजारों टन ताजा कचरा इन स्थलों पर पहुंच रहा है, जिससे यहां पर नए कूड़े के पहाड़ बनने का खतरा बना हुआ है। इसी चुनौती से निपटने के लिए यह दीर्घकालिक योजना तैयार की गई है।

भलस्वा लैंडफिल साइटें

उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी परियोजना भलस्वा लैंडफिल साइट पर स्थापित की जाएगी। यहां 1800 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता के एकीकृत कचरा संसाधित संयंत्र विकसित होगा। इस परियोजना की संशोधित लागत 214.50 करोड़ रुपये है। भलस्वा में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 3500 मीट्रिक टन ताजा कचरा पहुंच रहा है। नई सुविधा के शुरू होने के बाद इसका बड़ा हिस्सा वैज्ञानिक तरीके से संसाधित किया जा सकेगा।

ताजा कूड़े के साथ नाले के कचरा भी संसाधित होगा

स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि ओखला लैंडफिल साइट पर 1400 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का आधुनिक संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जिसकी लागत 152.68 करोड़ रुपये आएगी। सिंघोला साइट पर 700 टन प्रतिदिन क्षमता की विशेष सुविधा विकसित की जाएगी, जहां ताजा कचरे के साथ-साथ नालों की सफाई से निकलने वाली गाद (सिल्ट) का भी संसाधित किया जाएगा। इस परियोजना की लागत लगभग 61.26 करोड़ रुपये है।

यहां पर स्थापित होंगे सयंत्र

स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि गाजीपुर में पॉकेट-सी, इंटीग्रेटेड फ्रेट कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में 800 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता के कूड़े को संसाधित करने वाला संयंत्र स्थापित होगा। इस परियोजना पर लगभग 83.44 करोड़ रुपये की लगात आएगी। साथ ही, नरेला-बवाना में भी 1200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का कूड़े को संसाधित करने संयंत्र विकसित होगा। इस परियोजना की पर लगभग 84.78 करोड़ रुपये लागत आएगी।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News , Faridabad News और दिल्ली में आज का मौसम सहित पूरे NCR की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।