
दिल्ली के नए सचिवालय के लिए IP बस डिपो पर लग सकती है फाइनल मुहर, रेस में सबसे आगे
संक्षेप: दिल्ली सरकार के नए सचिवालय के निर्माण के लिए छह स्थानों को चिह्नित किया गया है, जिनमें से आईपी बस डिपो की जगह को सबसे उपयुक्त माना जा रहा है क्योंकि यह लगभग खाली है और यहां निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकेगा।
नए सचिवालय के लिए छह स्थानों को चिह्नित किया गया है। इसमें से आईपी बस डिपो की जगह को सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। इस पर जल्द ही निर्णय होने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कुछ माह पहले दिल्ली सरकार का नया सचिवालय बनाने की बात कही थी। इसके लिए जगह चिह्नत करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा को सौंपी गई थी। उन्होंने दिल्ली में छह जगहों को इसके लिए चिन्हित किया था। इसमें राजघाट पावर प्लांट, आईपी पावर स्टेशन, आईपी बस डिपो, ट्वीन टावर आईटीओ, खैबर पास और गुलाबी बाग शामिल हैं। इन सभी जगहों को लेकर पीडब्ल्यूडी द्वारा अध्ययन किया गया है। इसमें सबसे बेहतर जगह आईपी स्थित बस डिपो को माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि आईपी बस डिपो वाली जगह लगभग खाली पड़ी है। ऐसे में यहां अधिक तोड़फोड़ नहीं करनी पड़ेगी और निर्माण कार्य का काफी समय बचेगा। अन्य जगहों पर निर्माण कार्य के लिए उस जगह को तोड़कर पहले मलबे को हटाना पड़ेगा और इसके बाद निर्माण कार्य चालू हो सकेगा। इसमें काफी ज्यादा समय लगेगा। इसके अलावा बस डिपो के पास पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है। ऐसे में दिल्ली सचिवालय बनाने के लिए यहां अधिक जगह है। पीडब्ल्यूडी की ओर से अन्य जगहों का प्रस्ताव भी सरकार के पास भेजा गया है। जल्द ही इस बारे में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। नए सचिवालय के निर्माण से कामकाज में तेजी आएगी। साथ ही जगह की किल्लत भी दूर हो जाएगी। आईपी बस डिपो की जगह पर नई इमारत बनाकर सरकार उसे किराए पर लगाएगी और इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी।
कंपनी को मिलेगी प्रोत्साहन राशि : प्रवेश वर्मा
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली सरकार नया सचिवालय कम समय में बनाने वाली कंपनी को न केवल टेंडर देगी, बल्कि उन्हें समय पर काम खत्म करने के लिए प्रोत्साहन राशि भी देगी। उन्होंने बताया कि कम समय में दफ्तर तैयार होने से सरकार को इसका आर्थिक लाभ मिलेगा। नए सचिवालय में अपने दफ्तर स्थानांतरित करने के बाद इमारत की बची हुई जगह को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के लिए किराए पर दिया जाएगा। इससे सरकार को आमदनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर दिशा में अच्छा काम कर रही है। नए सचिवालय बनने से लोगों को काफी आसानी होगी।





