दिल्ली में डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर्स पर सख्ती; नए पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं जुड़ेंगे, शर्तें

Krishna Bihari Singh पीटीआई, नई दिल्ली
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दिल्ली की नई EV पॉलिसी के ड्राफ्ट के अनुसार, पलूशन कम करने के लिए अब डिलीवरी और ऐप आधारित कैब सेवाओं में नई पेट्रोल-डीजल गाड़ियां शामिल नहीं होंगी। साल 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन होगा। 

दिल्ली में डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर्स पर सख्ती; नए पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं जुड़ेंगे, शर्तें

दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन EV पॉलिसी 2026-2030 के ड्राफ्ट के अनुसार, अब दिल्ली में डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर सेवाओं में नई पेट्रोल या डीजल गाड़ियां शामिल नहीं की जा सकेंगी। यही नहीं साल 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के ही नए रजिस्ट्रेशन होंगे। प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के फैसले के तहत कई बड़े ऐलान किए हैं। पुराने CNG ऑटो बदलने या नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह फैसला मुख्य रूप से उन वाहनों के लिए है जो सड़क पर ज्यादा चलते हैं ताकि राजधानी में जहरीले धुएं और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।

दिल्ली सरकार की ओर से जारी नई EV पॉलिसी के ड्राफ्ट के अनुसार, इस साल से दिल्ली में डिलीवरी और राइड एग्रीगेटर फ्लीट में पेट्रोल और डीजल वाले नए वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी दी गई हैं। इन शर्तों वाले वाहनों को एक सीमा तक फ्लीट में शामिल करने की मंजूरी होगी।

शर्त नंबर-1, ICE इंजन वाले वाहन नहीं शामिल होंगे

दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीजि 2026-2030 के ड्राफ्ट में कहा गया है कि इस साल 1 जनवरी से एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा देने वालों की ओर से चलाए जा रहे दोपहिया और हल्के मालवाहक वाहनों के बेड़े में पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले कोई भी पारंपरिक इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाले वाहन शामिल नहीं किए जाएगे।

शर्त नंबर-2, बीएस-4 इस साल तक छूट

हालांकि 31 दिसंबर 2026 तक एग्रीगेटर फ्लीट में बीएस-4 उत्सर्जन मानक वाले दोपहिया वाहनों को शामिल करने की अनुमति होगी। लेकिन इसके बाद पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आना अनिवार्य होगा।

सेवा प्रदाता योजना 2023 के प्रावधान रहेंगे लागू

ड्राफ्ट में कहा गया है कि मौजूदा दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सेवा प्रदाता योजना (2023) के अन्य प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं होगा। पुराने नियम (2023) लागू रहेंगे। नई ईवी नीति का मकसद एग्रीगेटर काफिले और ऑटो-रिक्शा को लक्ष्य बनाकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने की गति तेज करना है। नई नीति का मकसद शहर में पलूशन के स्तर को कम करना है।

इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की खरीद पर मिलेगी आर्थिक मदद

ड्राफ्ट में कहा गया है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों, जिनमें ऑटो-रिक्शा भी शामिल हैं, का ही रजिस्ट्रेशन होगा। यह पॉलिसी इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (ऑटो-रिक्शा भी शामिल) को प्रोत्साहन भी देती है। ऐसे ईवी को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए नई पॉलिसी की अधिसूचना की तारीख से पहले साल में 50 हजार रुपये, दूसरे साल में 40 हजार रुपये, और तीसरे साल में 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद सरकार की ओर से दी जाएगी। यह मदद उन सभी को दी जाएगी जो पुराने CNG ऑटो-रिक्शा को बदलना चाहते हैं। दिल्ली में रजिस्टर्ड नए ऑटो-रिक्शा को ईवी से बदलने वालों को भी मदद दी जाएगी।

Krishna Bihari Singh

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Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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