
दिल्ली में बारिश और ओलों ने ठिठुरन बढ़ाई, सड़कों पर जाम से परेशाम; आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। खराब मौसम और डायवर्जन के कारण सड़कों पर लंबा जाम लगा रहा, वहीं बारिश के बावजूद वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है।
राजधानी में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मंगलवार को मौसम में बदलाव देखा गया। दिन में कई स्थानों पर वर्षा होने के साथ शाम को ओले भी पड़े। बारिश और ओला गिरने की वजह से अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंड का अहसास बढ़ गया।
कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि, 1 फरवरी को एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है और राजधानी में बारिश हो सकती है। राजधानी में मंगलवार को कई इलाकों में बारिश हुई। पालम में 14.6 मिलीमीटर, रिज में 14.4, सफदरजंग में 4.2, लोधी रोड पर 3.4 और आया नगर तथा मयूर विहार में 4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, नरेला, बवाना, अलीपुर, कंझावाला, रोहिणी, मुंडका और जाफरपुर सहित कुछ स्थानों पर गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट
पिछले 24 घंटों में राजधानी के न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। राजधानी में नमी का स्तर अधिकतम 100 तथा न्यूनतम 78 फीसदी दर्ज किया गया। मंगलवार को दिल्ली में पूर्वी दिशा से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिनकी गति 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। 29 और 31 जनवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। बुधवार को सुबह के समय हल्का कोहरा छाने की संभावना है। वहीं, 29 जनवरी से 2 फरवरी तक सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा रहने का अनुमान है। बुधवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव के बाद भी बेहद खराब श्रेणी में रही हवा
राजधानी में मंगलवार को हुई हल्की बारिश और तेज हवा के बावजूद प्रदूषण स्तर में बहुत सुधार नहीं हुआ है। सीपीसीबी के मुताबिक, शाम चार बजे राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 336 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। राजधानी में चार स्थानों पर 400 या उससे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। बीते शुक्रवार को दिल्ली व आसपास के इलाके में हुई बारिश और हवा की गति बढ़ने का असर दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर देखने को मिला था। शनिवार और रविवार को दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रही, लेकिन सोमवार को खराब और अब मंगलवार को बहुत खराब श्रेणी में वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया।
मानकों से दोगुने से अधिक प्रदूषण
मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। मंगलवार शाम तीन बजे हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 277.3 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 161.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। यानी दिल्ली की हवा में मानकों से दोगुने से अधिक प्रदूषक कण मौजूद हैं।
सड़कों पर जाम से जूझे दिल्लीवाले
राजधानी में मंगलवार को कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। इससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। कुछ मार्गों पर प्रतिबंध और डायवर्जन के चलते यातायात व्यवस्था बेपटरी रही। तो कुछ रास्तों पर लोगों की बेसब्री के कारण बेतरतीब वाहन चलाने से जाम की समस्या हुई। बारिश के कारण भी यातायात की रफ्तार धीमी हो गईं।
सबसे बुरा हाल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रहा, जहां पांडव नगर से सराय काले खां तक वाहनों की लंबी कतार देखी गई। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच इस पर वाहन रेंगते रहे। ऐसे में ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को जाम में फंसने के कारण देरी हुई। ऐसे ही सुबह के समय हमदर्द नगर के पास रविदास मार्ग रेड लाइट, कुतुब गोल्फ कोर्स टी-प्वॉइंट, दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन से नारायणा के बीच भयंकर जाम रहा।





