
दिल्ली से 'गायब' हो गया इंडिया गेट, पलूशन की मार से हाल बेहाल; AQI लेवल कितना?
दिल्ली को एक बार फिर प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है। दिवाली के बाद से ही बिगड़ी हवा की गुणवत्ता अब भयावह रूप ले चुकी है। आज शाम इंडिया गेट के आस-पास प्रदूषण की घनी धुंध का ऐसा साया छाया कि ये लगभग गायब हो गया।
दिल्ली को एक बार फिर प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है। दिवाली के बाद से ही बिगड़ी हवा की गुणवत्ता अब भयावह रूप ले चुकी है। आज शाम इंडिया गेट के आस-पास प्रदूषण की घनी धुंध का ऐसा साया छाया कि ये लगभग गायब हो गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, इंडिया गेट इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 295 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है।

इससे पहले शुक्रवार को एक्यूआई में सुधार हुआ था और यह पिछले दिन के 373 से 55 अंक घटकर 218 पर आ गया। विशेषज्ञों ने इस बदलाव के पीछे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बारिश और हवा की गति में वृद्धि को प्रमुख कारक बताया था। हालांकि आज ये फिर बढ़कर 295 पर पहुंच गया है।
किन गाड़ियों पर प्रतिबंध
इस बीच दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सरकार ने शनिवार से एक सख्त नियम लागू कर दिया है। अब, दिल्ली के बाहर से आने वाली पुरानी माल ढोने वाली गाड़ियां (ट्रक, पिकअप आदि) जो ज्यादा धुआं फेंकती हैं (यानी, BS-III या उससे भी पुराने मॉडल), उन्हें दिल्ली में घुसने नहीं दिया जाएगा। दिल्ली के परिवहन विभाग ने इस नियम को लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर 23 खास टीमें बनाई हैं। ये टीमें दिल्ली के बॉर्डर जैसे कुंडली, रजोकरी, टिकरी, आया नगर और कालिंदी कुंज समेत 23 जगहों पर खड़ी हैं ताकि कोई भी पुरानी गाड़ी अंदर न आ पाए। अधिकारियों का अंदाजा है कि लगभग 50 हजार से 70 हजार ऐसी गाड़ियां हैं जिन पर यह रोक लगी है।
सरकार ने तेज किया विंटर ऐक्शन प्लान
उधर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ते ही, सरकार ने अपना विंटर ऐक्शन प्लान और तेज कर दिया है। सरकार ने प्रदूषण फैलाने वाले 13 हॉटस्पॉट पर खास ध्यान देना शुरू कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में से एक, आनंद विहार का दौरा किया और प्रदूषण को रोकने के लिए जारी कार्यों का जायजा लिया। सिरसा ने मेट्रो स्टेशन के पास हवा की गुणवत्ता जांचने वाले DPCC सेंटर का भी दौरा किया।
उन्होंने अफसरों को तुरंत निर्देश दिए कि सड़कों पर जाम कम करने के लिए और ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगाए जाएं। इसके अलावा एंटी-स्मॉग गन और पानी छिड़कने वाली मशीनों को व्यस्त समय में चलाने के निर्देश दिए गए हैं।





