
गैंस चैंबर बनी हुई है दिल्ली, जहरीली हवा में सांस लेना मुश्किल! देखिए कहां कितना AQI
Delhi Pollution AQI: दिल्ली-एनसीआर में लगातार चौथे दिन प्रदूषण का कहर जारी है और औसत AQI 377 दर्ज किया गया है, जिसके कारण राजधानी गैस चैंबर बनी हुई है। अगले दो दिनों में हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण में हल्के सुधार की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का प्रकोप जारी है। लगातार चौथे दिन राजधानी गैस चैंबर बनी हुई है। आज सुबह से ही शहर के ज्यादातर इलाकों में एक्यूआई गंभीर स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली का औसत एक्यूआई भी 377 दर्ज किया गया है। दिल्ली के साथ एनसीआर के अन्य शहरों का भी बुरा हाल है। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर सीवियर प्लस यानी बेहद गंभीर श्रेणी में रहा। इन इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 से ऊपर दर्ज किया गया।
कहां कितना प्रदूषण (सुबह 8 बजे तक)
| इलाका | AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| दिल्ली (ओवरऑल) | 377 | बेहद खराब |
| मुंडका | 426 | गंभीर |
| बवाना | 403 | गंभीर |
| जहांगीरपुरी | 426 | गंभीर |
| वजीरपुर | 426 | गंभीर |
| रोहिणी | 356 | बेहद खराब |
| डीटीयू | 425 | गंभीर |
| आनंद विहार | 406 | गंभीर |
| पंजाबी बाग | 405 | गंभीर |
| नरेला | 388 | बेहद खराब |
| नोएडा | 394 | बेहद खराब |
| ग्रेटर नोएडा | 374 | बेहद खराब |
| गाजियाबाद | 369 | बेहद खराब |
| गुरुग्राम | 336 | बेहद खराब |
| फरीदाबाद | 206 | खराब |
दिल्ली के लोगों को इस समय साल के सबसे ज्यादा भयावह प्रदूषित दिनों का सामना करना पड़ रहा है। हवा में मौजूद नमी के साथ मिलकर दिल्ली के वायुमंडल में स्मॉग बन रहा है, जिसके चलते लोगों के लिए सांस लेना भी दूभर हो रहा है। प्रदूषण के चलते लोगों को खांसी, छींक, नाक और गले में खराश, आंखों में जलन, सिरदर्द जैसी परेशानियां हो रही हैं। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों और सड़क के किनारे रहने या सड़क के किनारे ज्यादातर समय बिताने वालों को इसकी परेशानी ज्यादा हो रही है।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सोमवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 427 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यह सूचकांक 461 के अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे के अंदर सूचकांक में 34 अंकों का सुधार हुआ है। हवा एकदम शांत पड़ जाने के चलते रविवार को दिल्ली का सूचकांक समग्र तौर पर सीवियर प्लस श्रेणी में चला गया था। लेकिन, सोमवार को हवा की गति थोड़ी बढ़ी। खासतौर पर दिन के समय धूप भी निकली और हवा की गति भी कुछ समय के लिए 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही। इसके चलते प्रदूषण के स्तर में कुछ अंकों का सुधार हुआ है।
सुबह दस बजे के लगभग दिल्ली का सूचकांक 450 के अंक पर रहा था। जबकि, शाम चार बजे तक इसमें और सुधार हुआ और यह 427 के अंत तक पहुंच गया। हालांकि, अभी भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में ही है।
ट्रैफिक पुलिसवालों को मास्क दिए गए
राजधानी में प्रदूषण और स्मॉग बढ़ने से दृश्यता कम होने पर दिल्ली यातायात पुलिस ने शीतकालीन सुरक्षा योजना लागू कर दी है। सड़कों पर तैनात छह हजार से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को प्रदूषण और ठंड से बचाने के लिए एन-95 मास्क और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कम दृश्यता के चलते हुए जोखिम से निपटने के लिए ट्रैफिक कर्मियों को फ्लोरोसेंट जैकेट प्रदान की गई हैं। टोडापुर स्थित मुख्यालय में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर कर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है।
मानकों से चार गुना ज्यादा
हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। दिल्ली-एनसीआर की हवा में सोमवार दिन में तीन बजे पीएम 10 का औसत स्तर 388.7 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 261 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी प्रदूषक कणों का स्तर चार गुना ज्यादा रहा।
हल्का सुधार होने के आसार
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच हवा के रफ्तार में थोड़ी तेजी आएगी। खासतौर पर दिन के समय हवा की रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से तेज होगी और दिन के समय धूप निकलेगी। इससे प्रदूषक कणों का विसर्जन भी तेज होगा। इससे प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार होगा और वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी से सुधरकर बहुत खराब श्रेणी में आ सकता है।





