
गोवा का गम: पत्नी को बचा 3 सालियों को निकालने गए थे UP के विनोद, क्लब में चारों जिंदा जल गए
म्यूजिक, डांस और मस्ती के बीच गोवा के क्लब में भड़की जिंगारी ने 25 लोगों की जिंदगी छीन ली। भीषण हादसा गोवा के अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, झारखंड समेत देशभर के कई परिवारों को कभी नहीं भरने वाला जख्म दे गया। दिल्ली-गाजियाबाद के एक परिवार के भी चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई।
म्यूजिक, डांस और मस्ती के बीच गोवा के क्लब में भड़की जिंगारी ने 25 लोगों की जिंदगी छीन ली। भीषण हादसा गोवा के अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, झारखंड समेत देशभर के कई परिवारों को कभी नहीं भरने वाला जख्म दे गया। दिल्ली-गाजियाबाद के एक परिवार के भी चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। पत्नी को बचाने के बाद तीन सालियों को निकालने के लिए अंदर गए विनोद जोशी उनके साथ ही अग्निकांड का शिकार हो गए।
अपनी तीन बहनों और पति के साथ 4 दिसंबर को गोवा गईं भावना जोशी की जिंदगी कुछ ही मिनटों में पूरी तरह तबाह हो गई। उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में शनिवार देर रात जब आग लगी तो उसमें भावना जोशी पति और तीन बहनों के साथ मौजूद थीं। डांस के बीच हुई आतिशबाजी से जैसे ही क्लब में आग भड़की, अफरा-तफरी मच गई।
लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। विनोद कुमार ने किसी तरह अपनी पत्नी भावना को मेन गेट से बाहर धक्का देकर उनकी जिंदगी बचा ली। धुएं की वजह आंखों में जलन और खांसते हुए किसी तरह भावना ने खुद को संभाला ही था कि पति उनकी तीन बहनों को बचाने के लिए दोबारा अंदर चले गए। अंदर भावना की तीन बहनें अनिता, सोरज और कमला फंसी थीं। लेकिन विनोद ना तो उनकी जिंदगी बचा सके और ना ही खुद बचकर निकल सके। विनोद पत्नी के साथ गाजियाबाद में रहते थे जबकि उनकी सालियां दिल्ली की रहने वाली थीं।
गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में मारे गए सभी 25 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है, जिनमें 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल हैं। सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार की पहचान भावना ने की। इस घटना में मारे गए एक अन्य पर्यटक की पहचान कर्नाटक के इशाक के रूप में हुई है। मृतकों में से 20 नाइटक्लब के कर्मचारी थे, जिनमें उत्तराखंड के पांच, नेपाल के चार, झारखंड और असम के तीन-तीन, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के दो-दो और पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति शामिल है।





