
हवा में तेजी से घुलता जहर, पलूशन फैलाने वाले शहरों में नोएडा देश में दूसरे नंबर पर
संक्षेप: Noida Air Pollution: नोएडा के तीन स्थानों का एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में रहा। सेक्टर-125 का एक्यूआई 352, सेक्टर-116 का 354 और सेक्टर एक का 312 दर्ज किया गया। इस सीजन में अब तक सेक्टर-62 में एक्यूआई 300 से कम ही रहा है।
नोएडा रविवार को देश का दूसरा सबसे वायु प्रदूषित शहर रहा। यहां का एक्यूआई 329 दर्ज किया गया। जबकि, 333 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद पहले स्थान पर रहा। जनवरी के बाद अक्तूबर महीने में दो बार एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में जा चुका है। वहीं, छह दिनों से लगातार हवा खराब और बेहद खराब श्रेणी में है।

नोएडा के तीन स्थानों का एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में रहा। सेक्टर-125 का एक्यूआई 352, सेक्टर-116 का 354 और सेक्टर एक का 312 दर्ज किया गया। इस सीजन में अब तक सेक्टर-62 में एक्यूआई 300 से कम ही रहा है।
जबकि,पिछले साल यह स्थान सबसे अधिक वायु प्रदूषित था। इन स्थानों पर पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 500 से पार कर गया है। वहीं पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर भी 400 से अधिक है। पटाखे चलने की स्थिति में रात में वायु प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रितेश तिवारी ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम चल रहा है। नियमित रूप से वायु प्रदूषण की समीक्षा और नियंत्रण के लिए कार्य हो रहे हैं।
बैठक नहीं हो सकी
वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,तीनों प्राधिकरणों और अन्य विभाग की बैठक नहीं हो पाई है। इससे वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए होने वाले काम धीमी गति से चल रहे हैं। जबकि इस सीजन में नोएडा और ग्रेनो एक-एक बार देश के सबसे वायु प्रदूषित शहर रह चुके हैं।
ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए उपकरण लगाए
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सात स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए उपकरण लगाए गए हैं। नोएडा में चार और ग्रेनो में तीन स्थानों पर उपकरण लगे हैं। ये उपकरण दीवाली के दिन ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बताएंगे। दीवाली के दिन प्रत्येक साल ध्वनि प्रदूषण भी मानकों से अधिक रहता है। अस्पतालों के सामने साइलेंट जोन होने के बावजूद ध्वनि प्रदूषण की स्थिति काफी खराब होती है।





