
15 साल पहले पत्नी का कत्ल करके भागा, गुजरात से फैक्ट्री मैनेजर हुआ गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 15 साल पुराने एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए मृतका के पति नरेश प्रसाद उर्फ नारोत्तम को गुजरात के छोटा उदयपुर से गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के बाद फर्जी सुसाइड नोट लिखकर पहचान बदलकर एक कपास फैक्ट्री में मैनेजर बनकर रह रहा था।
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसी मर्डर मिस्ट्री सुलझाई है जो फिल्मी कहानियों को मात देती है। 15 साल पुराने कत्ल के मामले में राजस्थान के नरेश प्रसाद उर्फ नारोत्तम को अब गिरफ्तार किया गया है। ये शख्स गुजरात के छोटा उदयपुर में कपास फैक्ट्री का मैनेजर बनकर आराम से जिंदगी काट रहा था। लेकिन पुलिस की नजर से बच नहीं पाया।

लाश मिली, सुसाइड नोट ने उलझाया केस
ये घटना 31 मई 2010 की है। जहांगीरपुरी के एक बंद मकान से आ रही बदबू ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। पीसीआर कॉल आई, पुलिस पहुंची, दरवाजा तोड़ा अंदर फर्श पर पड़ी थी 25 साल की एक महिला की आधी सड़ी लाश। पास में सुसाइड नोट भी मिला। शुरुआत में लगा कि ये सुसाइड का केस है। लेकिन दिल्ली पुलिस को कुछ और ही शक हुआ।
पति गायब, 10 हजार का इनाम
जांच में पता चला कि मृतका का पति नरेश प्रसाद ही मुख्य संदिग्ध है। शादी के कुछ ही दिनों बाद झगड़े शुरू हो गए थे। गुस्से में आकर उसने पत्नी का गला घोंट दिया और फिर खुद ही फर्जी सुसाइड नोट लिखकर भाग निकला। पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया, उसे भगोड़ा घोषित किया, लेकिन 15 साल तक हाथ खाली रहे।
गुजरात में मिला ठिकाना
पुलिस की स्पेशल टीम लगातार लगी रही। 4 नवंबर को खबर मिली कि गुजरात के छोटा उदयपुर में कोई शख्स फर्जी नाम से रह रहा है। 5 नवंबर को छापा मारा, नरेश को धर दबोचा और उसी दिन दिल्ली लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल लिया कि शादी के बाद झगड़े इतने बढ़ गए कि गुस्से में गला दबा दिया और सुसाइड का ड्रामा रचा।
15 साल तक रिश्तेदारों से भी कटा रहा
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 15 साल तक इसने किसी रिश्तेदार से संपर्क नहीं किया। नया नाम, नई जगह और नई नौकरी के जरिए पूरी तरह गायब रहा।





