
प्रदूषण में दिल्ली फिर नंबर 1, PM10 का स्तर मानक से तीन गुना ज्यादा, फंड खर्च में सबसे फिसड्डी
CREA की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली 2025 में देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां PM10 का स्तर सुरक्षित मानक से तीन गुना अधिक दर्ज किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित फंड का दिल्ली ने महज 33% ही इस्तेमाल किया।
दिल्ली की हवा ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। साल 2025 प्रदूषण के लिहाज से काफी गंभीर रहा। CREA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली ने देश में PM10 के मामले में नंबर वन (यानी सबसे खराब) का तमगा अपने नाम किया है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में साल भर का औसत PM10 स्तर 197 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो राष्ट्रीय मानक (60 μg/m³) से लगभग तीन गुना अधिक है।
PM2.5 में भी दूसरे नंबर पर दिल्ली
बारीक कणों PM2.5 के मामले में दिल्ली देश में दूसरे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में उभरी। सालाना औसत स्तर 96 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो राष्ट्रीय मानक (40 μg/m³) से दोगुना है। रिपोर्ट के मुताबिक, 212 दिन ऐसे थे जब दैनिक PM2.5 मानक भी टूट गया।
एनसीआर के 14 में से 12 शहरों में भी PM2.5 का स्तर मानक से अधिक रहा। इस वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में लंबे समय तक खतरनाक हवा का माहौल बना रहा।
फंड का इस्तेमाल सबसे कमजोर: सिर्फ 33%
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) और 15वें वित्त आयोग के तहत अब तक 13,415 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 74 प्रतिशत राशि का उपयोग हो चुका है। लेकिन दिल्ली का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। यहां आवंटित राशि का महज 33 प्रतिशत ही खर्च किया गया। सात साल बाद भी NCAP का 40 प्रतिशत कमी का लक्ष्य हासिल करना अब लगभग असंभव दिख रहा है।





