दिल्ली में मॉनसून को पहुंचने में होगी देरी, पर मौसम को लेकर एक खुशखबरी भी है
दिल्ली में इस बार मॉनसून को पहुंचने में करीब एक सप्ताह की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। मॉनसून जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली पहुंच सकता है। हालांकि, अगले सात दिनों तक मौसम में नरमी बनी रहेगी।

मॉनसून को दिल्ली तक पहुंचने में एक सप्ताह की देरी हो सकती है पर राहत की बात यह है कि आंधी-बूंदाबांदी के चलते लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलती रहेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि सप्ताह भर मौसम ऐसे ही बना रहेगा। इस बीच, गुरुवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग ढाई डिग्री कम दर्ज किया गया।
गुरुवार को दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में दिन चढ़ने के साथ ही धूप भी तीखी और तेज हो गई। हालांकि, बीच-बीच में बादलों की आवाजाही होती रही। मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। आर्द्रता का स्तर 42 से 92 फीसदी तक रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री के बीच रहेगा। न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
मॉनसून को आने में एक सप्ताह की देरी होगी
दिल्लीवालों के लिए इस बार मानसून का इंतजार लंबा हो सकता है। संभावना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून दिल्ली में दस्तक दे सकता है। राजधानी में इस बार मानसून का आगमन अपने निर्धारित समय से लगभग सप्ताहभर की देरी से होगा। दस दिनों तक कर्नाटक और महाराष्ट्र के आसपास ही मानसून अटका रहा। बीते दो दिनों से मानसून की गतिविधियों में तेजी आई, जिसके चलते मुंबई में जोरदार बारिश हुई। वहीं, अगर दिल्ली की बात करें तो यहां मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 27 जून निर्धारित की गई है, लेकिन देरी के चलते राजधानी में इसके समय से पहुंचने की संभावना भी समाप्त हो गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 25 साल में 12 बार ऐसा हुआ है कि मॉनसून जून की बजाय जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। पिछले पांच में से चार साल ऐसे रहे हैं, जब मॉनसून अपने निर्धारित समय से देर से पहुंचा है। हालांकि, वर्ष 2021 को छोड़कर यह देरी दो-तीन दिन की ही रही है।
सोमवार के बाद रफ्तार बढ़ने की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि सोमवार के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न हवा के दबाव के क्षेत्र के चलते मॉनसून की रफ्तार तेज होगी। अभी मॉनसून के पश्चिमी सिरे पर ज्यादा सक्रियता दिख रही है। सोमवार के बाद होने वाले बदलाव से मॉनसून के पूर्वी सिरे पर भी सक्रियता बढ़ेगी और मॉनसून बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश से तेजी से आगे बढ़ेगा। हालांकि, दिल्ली में मॉनसून के पहुंचने की निश्चित तारीख के बारे में 30 जून के बाद ही अनुमान लगाया जा सकेगा।
2002 में सबसे देर से आया था मॉनसून
2002 में मॉनसून सबसे ज्यादा देर से दिल्ली पहुंचा था। उस समय 19 जुलाई को आगमन हुआ था और यह सिर्फ 63 दिनों के लिए ही टिका था। इसके चलते बारिश भी सिर्फ 373.4 मिमी हुई थी। वहीं, वर्ष 2021 का मॉनसून सबसे ज्यादा अच्छा साबित हुआ था। इसका आगमन 13 जुलाई को हुआ था। यह पहुंचा तो देर से था लेकिन वापसी भी देर से हुई थी। यह लगभग 87 दिन दिल्ली में टिका रहा। इसके चलते 1169.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।


