
बच्चे को अगवा कर डेढ़ लाख में बेचा, दिल्ली मेट्रो पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा
दिल्ली मेट्रो पुलिस ने सीलमपुर मेट्रो स्टेशन से अगवा किए गए डेढ़ साल के बच्चे को सात महीने बाद सकुशल बरामद कर लिया है, जिसके बाद बच्चे को उसकी मां पूनम को सौंप दिया गया है और इस मामले में बच्चे को डेढ़ लाख रुपये में खरीदने वाले दंपति समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली मेट्रो पुलिस ने सात महीने पुराने एक सनसनीखेज अपहरण मामले का खुलासा करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में बच्चा चुराने वाली महिला देवकी, सौदा कराने वाली महिला शीला और बच्चे को खरीदने वाले धीर सिंह व उसकी पत्नी बबीता को गिरफ्तार किया गया है। बेटे की चाहत में आरोपी दंपति ने मासूम को डेढ़ लाख रुपये में खरीद लिया था।
पुलिस ने बच्चे को उसकी मां पूनम के हवाले कर दिया है। सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर चार जून को पूनम अपने बच्चे के साथ पहुंची थी, तभी बच्चा अचानक गायब हो गया। शिकायत मिलने पर मेट्रो पुलिस ने केस दर्ज किया था। सीसीटीवी फुटेज में स्टेशन पर भीख मांगने वाली देवकी बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दी। सात माह तक पुलिस ने लगातार तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर जांच जारी रखी। इसी दौरान पता चला कि देवकी उत्तर प्रदेश के महोबा में देखी गई है। टीम महोबा पहुंची और हमीरपुर चुंगी स्थित एक किराए के मकान से उसे दबोच लिया।
मंजू भीख मांगने वाली महिलाओं पर नजर रखती थी
पूछताछ में देवकी ने पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। उसने खुलासा किया कि अजीत नगर झुग्गी की मंजू देवी ने उसे 10–20 हजार रुपये का लालच देकर बच्चे को अगवा कराया था। मंजू भीख मांगने वाली महिलाओं पर नजर रखती थी और बच्चे को दूसरे दंपति को देने की कोशिश भी की, लेकिन सौदा नहीं हो सका। इसके बाद बिचौलिया शीला ने आर्य नगर निवासी धीर सिंह और उसकी पत्नी बबीता से 1.5 लाख रुपये में सौदा तय कराया। बेटे की चाह में दोनों ने बच्चा खरीद लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल छुड़ा लिया।





