दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के सभी तीन कॉरिडोर का कितना हुआ काम, DMRC ने जारी की रिपोर्ट
दिल्ली मेट्रो के फेज 4 (Delhi Metro Phase 4) के तहत निर्माणाधीन तीन कॉरिडोर का करीब 73 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तकरीबन छह साल पहले शुरू हुए इन तीनों कॉरिडोर का अब भी 27 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है।

दिल्ली मेट्रो के फेज 4 (Delhi Metro Phase 4) के तहत निर्माणाधीन तीन कॉरिडोर का करीब 73 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तकरीबन छह साल पहले शुरू हुए इन तीनों कॉरिडोर का अब भी 27 प्रतिशत निर्माण कार्य बाकी है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) द्वारा जारी मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। वैसे अलग-अलग कॉरिडोर की बात करें तो तीन में से एक बनकर तैयार है। मुख्य रूप से दो मेट्रो कॉरिडोर का ही काम बाकी है। इसमें भी तुगलकाबाद से एरोसिटी के बीच निर्माणाधीन गोल्डन लाइन पर सबसे कम काम हुआ है। डीएमआरसी का कहना है कि फेज चार की परियोजनाओं पर काम शुरू होने के तुरंत बाद कोरोना महामारी शुरू हो गई थी। इस वजह से दो वर्ष काम प्रभावित रहा। कोरोना के बाद डीएमआरसी ने वर्ष 2026 तक मेट्रो कॉरिडोरों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा था। फेज एक के मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में सात वर्ष तीन माह का समय लगा था।
मजलिस पार्क-मौजपुर के बीच रूट बनकर तैयार
मजलिस पार्क-मौजपुर के बीच 12.3 किलोमीटर की मेट्रो लाइन का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा होना था। इस वर्ष यह कॉरिडोर बनकर तैयार है। इस पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने का इंतजार है। वहीं, जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर का अब तक करीब 75 प्रतिशत निर्माण पूरा हुआ है। इस कॉरिडोर पर जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन के बीच करीब डेढ़ किलोमीटर के भूमिगत कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू हो चुका है।
गोल्डन लाइन का काम सुस्त
गोल्डन लाइन का करीब 65% निर्माण पूरा हो चुका है। इस कॉरिडोर पर 15 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जिसमें 11 भूमिगत स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर का ज्यादातर हिस्सा भूमिगत होने से निर्माण में चुनौतियां ज्यादा हैं। इस वजह से अभी 35% काम बाकी है।


