नई लाइन बिछाने से ब्लू लाइन के मेकओवर तक, जानिए दिल्ली मेट्रो से जुड़े 10 बड़े अपडेट
ये जानकारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सीएम रेखा गुप्ता द्वारा साझा की गई है। जानिए इन 10 बड़े बदलावों से आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा। पढ़िए कहां ओवरब्रिज बनेगा, कहां नई मेट्रो दौड़ेगी, कहां की मैट्रो एकदम नए अवतार में सामने आएगी…

राजधानी की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो के मेकओवर से लेकर नए कॉरिडोर बनने से जुड़े 10 अपडेट सामने आए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने मेट्रो, सड़क, फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए ऐलान किया है कि दिसंबर 2026 तक शहर को कई बड़ी सौगातें मिलेंगी। वहीं दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया, ब्लू लाइन पर मिड लाइफ रिफर्बिशमेंट की शुरूआत हो चुकी है। आसान शब्दों में कहें तो 20 साल पुरानी मेट्रो का मेकओवर किया जाएगा, ताकि मेट्रो को और हाईटेक बनाया जा सके।
दिल्ली मेट्रो से जुड़े 10 बड़े अपडेट
1. 416 किलोमीटर तक पहुंचा नेटवर्क
मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 416 किलोमीटर तक फैल चुका है, जो इसे देश के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल करता है।
2. 104 किलोमीटर नए रूट पर काम जारी
करीब 104.45 किलोमीटर लंबा नया नेटवर्क और 81 स्टेशन इस समय निर्माणाधीन हैं, जिससे कई नए इलाकों को मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
3. दिसंबर 2026 तक तैयार होंगे बड़े कॉरिडोर
कृष्णा पार्क एक्सटेंशन-दीपाली चौक, मजलिस पार्क-आरके आश्रम और तुगलकाबाद-एरोसिटी जैसे अहम कॉरिडोर 2026 तक पूरे होने की संभावना है।
4. फेज-4 का टारगेट 2029
फेज-4 प्रोजेक्ट के तहत लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और रिठाला-कुंडली कॉरिडोर पर काम शुरू हो चुका है, जिसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
5. फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड पर जोर
आजादपुर से त्रिपोलिया चौक तक डबल डेकर फ्लाईओवर का 73% काम पूरा हो चुका है, जबकि यमुना विहार-भजनपुरा फ्लाईओवर 85% तैयार है। वजीराबाद से DND तक 19.2 किमी एलिवेटेड रोड और त्रिपोलिया गेट-बर्फखाना फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी तैयार है।
6. 70 ट्रेनों का मेगा अपग्रेड प्लान
DMRC के मुताबिक रेड और ब्लू लाइन की 70 ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे पुरानी ट्रेनों को नया जीवन मिलेगा।
7. 20 साल पुरानी ट्रेनें बनेंगी हाईटेक
2002 से 2007 के बीच शामिल की गई ट्रेनों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है, ताकि वे नए स्टैंडर्ड के अनुरूप बन सकें।
8. अब तक 31 ट्रेनों का हो चुका मेकओवर
तीन चरणों में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक 31 ट्रेनों को अपग्रेड कर दोबारा सेवा में शामिल किया जा चुका है।
9. कोच में मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं
यात्रियों को अब ट्रेनों में CCTV, रियल टाइम डिस्प्ले, अनाउंसमेंट सिस्टम (PA-PIS) और डायनामिक रूट मैप जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे सफर और आसान होगा।
10. सेफ्टी और कम्फर्ट दोनों पर फोकस
हर कोच में फायर डिटेक्शन सिस्टम, नए इलेक्ट्रिकल उपकरण और मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट लगाए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षा और सुविधा दोनों को बेहतर बनाया जा सके।
दिल्ली मेट्रो का यह मेगा प्लान साफ दिखाता है कि आने वाले सालों में न सिर्फ इसका नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा, बल्कि यात्रियों का सफर भी पहले से ज्यादा सुरक्षित, स्मार्ट और आरामदायक होने वाला है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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