दिल्ली में बच्ची से रेप-मर्डर में कैब चालक ने पार की थी दरिंदगी की हद, पत्थरों के नीचे शव; एक भूल ने पकड़ाया
दिल्ली में बच्ची से रेप-मर्डर में हैवान कैब ड्राइवर के खिलाफ 1500 पन्नों की चार्जशीट को पुलिस जल्द अदालत में जमा कर सकती है। आरोपपत्र में उसका पूरा ब्यौरा है। यह भी बताया कि एक भूल ने उसे पकड़ाया।

दिल्ली के महरौली में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस एक सप्ताह के भीतर अदालत में 1500 से अधिक पन्नों का आरोप पत्र दाखिल कर सकती है। इसमें आरोपी कैब चालक की हर गतिविधि का ब्योरा दर्ज किया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, उसने शव छिपाने की कोशिश में अपना ड्राइविंग लाइसेंस भूल से घटनास्थल पर ही छोड़ दिया था।
आरोप पत्र में कहा गया है कि घटना 22 जून की है। आरोपी ने कई घंटे तक इलाके में गाड़ी घुमाई, दो सवारी रद्द कीं और फिर महरौली में उसी फुटपाथ पर लौटा, जहां 10 वर्षीय बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के बाद शव छिपाने की जल्दबाजी में आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहीं गिर गया।
तीन बड़े पत्थरों के नीचे शव छिपाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची का शव जिस जगह फेंककर तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी। आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी बाशु कुमार सिंह (29) बच्ची के अपहरण से करीब एक घंटे पहले महरौली पहुंचा था। उसने शुरु में उस फुटपाथ के पास से गाड़ी निकाली थी, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
आरोप पत्र के 89 पन्नों में आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के साथ फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते का ब्योरा और जंगल वाले इलाके में शव मिलने की जगह की तस्वीरें शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इन तस्वीरों में सटीक समय दर्ज है, जिससे जांचकर्ताओं को अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि आरोपी के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके बताए घटनाक्रम का मिलान किया गया, ताकि यह जांचा जा सके कि उसका बयान साक्ष्यों से मेल खाता है या नहीं। आरोप पत्र में उसकी कार की, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) कैमरों से मिली तस्वीरें भी शामिल की गई हैं।
आरोप पत्र के अनुसार, सिंह गुरुग्राम से आने के बाद संगम विहार में एक यात्री को छोड़ चुका था और करीब ढाई घंटे मे उसने दो अन्य सवारियां रद्द कर दी थीं। इस दौरान वह दूसरी सवारी लेने के बजाय उसी इलाके में घूमता रहा, जहां से बाद में उसने बच्ची को उठाया।
बच्ची मदद के लिए चिल्लाई थी, लेकिन परिवार बचा न सका
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिंह अपहरण से करीब एक घंटे पहले घटनास्थल पर पहुंचा और मौके का इंतजार करने के बाद तड़के करीब 4 बजकर 15 मिनट पर बच्ची को कथित तौर पर उठा ले गया। पुलिस ने बताया कि कार की ओर ले जाते समय बच्ची मदद के लिए चिल्लाई, जिससे उसके पिता की नींद खुल गई। पिता ने कुछ दूर तक वाहन का पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं सके।
मंडी गांव में रेप किया, फिर सड़क पर दौड़ाता रहा कार
आरोप पत्र के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर मंडी गांव के पास वाहन में दुष्कर्म किया गया। इसके बाद सिंह गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर गया, जहां उसने कथित तौर पर बच्ची की हत्या कर शव को जंगल में छिपा दिया।
मौत की वजह क्या निकली
आरोप पत्र में मौत का कारण गला घोंटना और मुंह दबाना बताया गया है। पुलिस के अनुसार, सिंह ने गमछे से बच्ची का गला घोंटा था, जिसे बाद में घटनास्थल से बरामद किया गया। दस्तावेज में कहा गया है कि आरोपी ने बच्ची के चेहरे पर पत्थर से वार किया, जिससे उसके दांत टूट गए। पुलिस ने बताया कि सिंह को अपराध के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था और उसकी निशानदेही पर घटना के करीब 11 से 12 घंटे बाद बच्ची का शव बरामद किया गया।


