
दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में इमारत में भीषण आग, 3 युवतियों समेत 4 की मौत
पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में सोमवार को एक इमारत में भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य की हालत नाजुक बताई जाती है। मरने वालों में 2 लड़कियां भी शामिल हैं। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
पश्चिमी दिल्ली के राजा गार्डन में सोमवार दोपहर बाद इलेक्ट्रॉनिक्स की एक दुकान में भीषण आग लग गई जिसमें चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य जख्मी हो गया। अधिकारियों ने बताया कि आग महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स के फर्स्ट फ्लोर स्थित गोदाम में लगी और बाद में चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल तक फैल गई।
अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने कहा कि आग लगने की सूचना अपराह्न तीन बजकर आठ मिनट पर मिली। हमने दमकल की पांच गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा। मौके पर घना धुआं पहले ही फैल चुका था। इससे फंसे लोगों का बचना मुश्किल हो गया था। चार लोग बेहोश पाए गए और उन्हें तुरंत कैट्स एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आयुषी (22), पायल (20), अमनदीप कौर (22) और रवि (28) की घटना में दम घुटने से मौत हो गई जबकि संदीप शर्मा (25) का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये सभी पांचों दुकान में काम करते हैं।
शाम 4.10 बजे आग बुझाने का काम पूरा हो गया। इसके बाद कूलिंग प्रक्रिया शुरू की गई ताकि आग फिर से ना भड़के। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। स्टोर का शोरूम ग्राउंड फ्लोर पर है। पहली मंजिल को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इसी मंजिल पर आग लगी।
पुलिस ने बताया कि अपराह्न करीब तीन बजे मोती नगर थाने में आग लगने की सूचना मिली। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विचित्र वीर ने बताया कि मोती नगर थाना प्रभारी (एसएचओ) और उनके कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जबकि अग्निशमन सेवा ने भी बचाव अभियान शुरू कर दिया।
डीसीपी ने कहा कि वहां मौजूद लोगों ने बताया कि पांच लोग अंदर फंसे हुए थे। लगातार प्रयासों के बाद सभी को बाहर निकाला गया। सभी को अस्पताल ले जाया गया। उनमें से चार की मौत हो गई जबकि एक का इलाज चल रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर पर काम करने वाले सुमित ने बताया कि कम से कम 30 से 35 लोग महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स में काम करते हैं। जब आग लगी तब दोपहर के भोजन का समय था। अमन, पायल, रवि और आयुषी उसी मंजिल पर थे जहां आग लगी थी। वे फंस गए और भाग नहीं सके।चारों ओर घना काला धुआं फैल गया। इससे दुकान में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और वे बाहर की ओर भागे।
सुमित ने बताया कि हमने तुरंत एम्बुलेंस को बुलाया और पुलिस को मामले की सूचना दी। हम असहाय थे क्योंकि तब तक आग फैल चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद कई स्थानीय राजनीतिक नेता भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया।
एक वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद हमारी दमकल गाड़ियां बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंच गईं। हमने स्थानीय पुलिस को भी घटना की उचित जांच के लिए सूचित किया। लगभग एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक चार लोगों की जान जा चुकी थी।
डीसीपी विचित्र वीर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों को मामले की उचित जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या अग्नि सुरक्षा मानदंडों में कोई चूक हुई थी या बिजली के उपकरणों के संचालन में कोई लापरवाही हुई थी।





