दिल्ली में कल का मौसम; इस हफ्ते नहीं होगी झमाझम बारिश, पलूशन बढ़ा पर ग्रैप-1 नहीं
Delhi Mausam Warning: दिल्ली-NCR में अब मौसम की बेरुखी देखी जाएगी। IMD के अनुसार अगले 24 घंटे में आंशिक बादल और 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलने की संभावना है। इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में अब मौसम की बेरुखी देखी जाएगी। मौसम विभाग की मानें तो कल के बाद दिल्ली के साथ ही एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में मौसम गर्म रहने वाला है। हालांकि अगले 7 दिनों के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। कल के बाद दिल्लीवालों को उमस परेशान कर सकती है। हालांकि 12 से 18 जुलाई के दौरान गरज चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस हफ्ते दिल्ली-NCR में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है।
कल कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग जगहों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है। हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक देखी जा सकती है। कल यानी 13 जुलाई को भी दिल्ली एनसीआर में मौसम कमोबेश ऐसा ही रहने का अनुमान है। 13 जुलाई को दिल्ली-NCR में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हवा की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इस हफ्ते कितना रहेगा तापमान?
मौसम विभाग ने 13 और 14 जुलाई को दिल्ली में अधिकतम तापमान के 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किए जाने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 15 से लेकर 18 जुलाई के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान के 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किए जाने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 14 जुलाई से उमस बढ़ने के संकेत हैं।
कितना रहा तापमान?
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक था। दिल्ली के मानक मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। दिल्ली में नमी का अधिकतम स्तर 83 फीसद रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में नमी और तापमान बढ़ने से उमस में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।
हवा हुई 'खराब'
दिल्ली की वायु गुणवत्ता रविवार सुबह नौ बजे 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 235 दर्ज किया गया जबकि शाम को बढ़कर 261 हो गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में 140 अंक रिकॉर्ड की गई। एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली में क्यों बिगड़ी हवा की गुणवत्ता?
हालांकि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ग्रैप पर बनी सब-कमेटी ने हवा की मौजूदा गुणवत्ता को लेकर एक समीक्षा बैठक की। सब-कमेटी ने पाया कि हवा की गुणवत्ता में गिरावट की वजह दूर से आने वाली मिनरल डस्ट (खनिज धूल) है। अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के पास शुरू हुआ एक तूफान दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रहा है। इससे हवा में पीएम 10 का स्तर बढ़ गया है। इसके अलावा तेज हवाएं भी प्रभावित कर रही हैं।
ग्रैप-1 नहीं लागू करने का फैसला
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गुणवत्ता खराब होने वजह बाहर से आने वाली धूल है। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता के 'खराब' श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है। हालांकि कुछ दिनों में AQI में सुधार होगा क्योंकि बाहर से आने वाली धूल का असर कम हो जाएगा। उक्त परिस्थितियों को देखते हुए सब-कमेटी ने ग्रैप-1 लागू नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) को जमीनी स्तर पर धूल को नियंत्रित करने के उपाय तेज करने कहा गया है।


