दिल्ली में शराब की सप्लाई अब डिजिटल रफ्तार में, ऑनलाइन चालान से आसान होगा कारोबार
दिल्ली सरकार ने शराब के कारोबार में पारदर्शिता और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है, जिसके तहत सरकारी निगमों को अब ऑनलाइन जनरेटेड डिलीवरी चालान को ही सप्लाई का प्रमाण मानना होगा।
राजधानी दिल्ली में अब शराब की सप्लाई भी डिजिटल रफ्तार पकड़ेगी। दिल्ली सरकार ने शराब के कारोबार को और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी निगमों को ऑनलाइन जनरेटेड चालान को डिलीवरी का पक्का सबूत मानना होगा। इस फैसले से थोक विक्रेताओं को समय पर पेमेंट मिलने में देरी की पुरानी बीमारी खत्म होने की उम्मीद है।

क्या थी दिक्कत?
पहले की व्यवस्था में रिटेल दुकानों से मैन्युअल रूप से हस्ताक्षरित चालान जमा करना जरूरी था। इसकी वजह से कई बार पेमेंट में देरी हो रही थी, जिससे थोक विक्रेताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब ऑनलाइन चालान सिस्टम ने इस झंझट को अलविदा कहने का रास्ता बना दिया है।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की नई पहल
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यह कदम दिल्ली सरकार की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें कारोबार को आसान और तेज करना प्राथमिकता है।" जुलाई में शुरू हुए ऑनलाइन डिलीवरी चालान सिस्टम को और मजबूत करते हुए सरकार ने साफ कर दिया है कि मैन्युअल चालान की जरूरत अब खत्म। इस बदलाव से न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि कारोबारी प्रक्रिया भी और पारदर्शी होगी।
दिल्ली में शराब का कारोबार कैसे चलता है?
दिल्ली में शराब की बिक्री फिलहाल 2020-21 की आबकारी नीति के तहत हो रही है। इसके अंतर्गत चार सरकारी निगम दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम, दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और दिल्ली कंज्यूमर कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर शहर भर में 700 से ज्यादा शराब की दुकानों का संचालन करते हैं। हालांकि नीति में निजी कंपनियों को भी मौका देने की बात है, लेकिन अभी सिर्फ ये सरकारी निगम ही शराब की दुकानें चला रहे हैं।
क्या होगा असर?
इस नए नियम से न सिर्फ थोक विक्रेताओं को राहत मिलेगी, बल्कि शराब की सप्लाई चेन भी और सुचारु होगी। ऑनलाइन सिस्टम से कागजी कार्रवाई का बोझ कम होगा और पेमेंट की प्रक्रिया तेज होगी। दिल्लीवासियों को भी उम्मीद है कि इससे शराब की उपलब्धता में कोई रुकावट नहीं आएगी।





