
दिल्ली में शराब खरीदने का बदल जाएगा अंदाज, मॉल जैसी लग्जरी दुकानें; 9 इलाकों की लिस्ट जारी
दिल्ली सरकार शराब की दुकानों को मॉडर्न बनाने की तैयारी में है, जहाँ ग्राहकों को सेंट्रलाइज्ड AC और मॉल जैसा अनुभव मिलेगा। DSCSC ने पहाड़गंज और हौज खास समेत 9 इलाकों की दुकानों के रेनोवेशन के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।
दिल्ली के शराब शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर है। राजधानी में शराब की दुकानों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने वाली है। अब आपको शराब खरीदने के लिए भीड़-भाड़ वाली और बदहाल दुकानों पर नहीं जाना होगा, बल्कि आपको मॉल जैसा अनुभव मिलेगा। दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (DSCSC) ने शहर की चुनिंदा शराब दुकानों को मॉडर्न बनाने और उनका कायाकल्प करने के लिए एजेंसियों को आमंत्रित किया है।
मॉल जैसा फील और सुरक्षा की गारंटी
अधिकारियों का कहना है कि उनका मकसद ग्राहकों को एक सुरक्षित और लग्जरी अनुभव देना है, ठीक वैसा ही जैसा पड़ोसी शहरों जैसे गुरुग्राम/नोएडा के कुछ आउटलेट्स में मिलता है। दुकानों में शानदार लाइटिंग होगी, जिससे वह प्रीमियम नजर आएं।
कैसी होंगी दिल्ली की नई 'मॉडर्न' शराब दुकानें?
दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन (DSCSC) गुड़गांव और नोएडा की तर्ज पर रिटेल अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इन सुविधाओं पर जोर दे रहा है।
- लग्जरी एंबियन्स: दुकानों में प्रीमियम लाइटिंग और आधुनिक फ्लोरिंग का इस्तेमाल होगा।
- हाई-टेक सुरक्षा: चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए जाएंगे।
- ग्राहक सुविधा: पूरी तरह से एयर-कंडीशन्ड (AC) स्टोर और बेहतर IT इन्फ्रास्ट्रक्चर।
- डिजाइन: काम शुरू होने से पहले एजेंसियों को 3D वॉकथ्रू वीडियो के जरिए फाइनल लुक दिखाना होगा।

इन 9 इलाकों में बदलेंगी दुकानें
विभाग ने उन जगहों की लिस्ट भी तैयार कर ली है, जहां सबसे पहले बदलाव देखने को मिलेंगे। इसमें दिल्ली के प्रमुख बाजार और इलाके शामिल हैं…
- पहाड़गंज
- द्वारका
- हौज खास
- जनकपुरी
- उत्तम नगर
- ईस्ट बलदेव पार्क
- नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया
- मोहन सिंह मार्केट
- बाली नगर
मार्च में आ सकती है नई पॉलिसी
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली सरकार नई आबकारी नीति लाने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मार्च तक नई नीति पेश किए जाने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य पुरानी कमियों को दूर करना और ग्राहकों के लिए रिटेल अनुभव को बेहतर बनाना है। हालांकि, नीति बदलने के बाद भी शराब की बिक्री फिलहाल सरकारी निगमों के हाथों में ही रहने की उम्मीद है।





