
दिल्ली में धमाके से कुछ घंटे पहले ही फरीदाबाद में मिला 2500 KG विस्फोटक, लिंक का डर
संक्षेप: सुबह दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर दूर फरीदाबाद में एक डॉक्टर और संदिग्ध आतंकी के घर से 2500 किलो विस्फोटक बरामद हुआ और शाम को ही राजधानी में इतना बड़ा धमाका हो गया। क्या यह महज संयोग है या फिर इनका कोई संबंध इसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
इस खबर को लिखे जाने तक इस बात की पुष्टि तो नहीं हो सकी है कि दिल्ली में लाल किले के पास आखिर कार में वह जोरदार धमाका क्यों और कैसे हुआ जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई पर विस्फोट के तुरंत बाद सबका ध्यान दिन में हुए एक बड़े घटनाक्रम की ओर गया है। और अंदेशा इस बात का है कि कहीं दोनों में कोई संबंध तो नहीं? सुबह दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर दूर फरीदाबाद में एक डॉक्टर और संदिग्ध आतंकी के घर से 2500 किलो विस्फोटक बरामद हुआ और शाम को ही राजधानी में इतना बड़ा धमाका हो गया। क्या यह महज संयोग है या फिर इनका कोई संबंध है, इसकी जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।

दरअसल, हरियाणा और जम्मू एंड कश्मीर की पुलिस ने आतंकी तंत्र मॉड्यूल मामले में सोमवार को फरीदाबाद के गांव फतेहपुर तगा की कॉलोनी में छापेमारी की। यहां आरोपी डॉक्टर के कमरे से करीब 2540 संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की है। आरोपी ने एक मौलवी का कमरा किराए पर लिया हुआ था। दोनों राज्यों की पुलिस ने करीब 8 घंटे कार्रवाई चली। इस मामले में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस ने देशभर से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सफेद पोश आतंकी तंत्र का भंडाफोड़
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल के सफेद पोश आतंकी तंत्र का भंडाफोड़ कर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े 8 संदिग्ध आंतकियों को गिरफ्ता किया है। इनमें एक गिरफ्तारी फरीदाबाद के धौज गांव से डॉक्टर मुज्जमिल अहमद गनी के रूप में हुई है। फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के मुताबिक आरोपी धौज गांव के अल्फला मेडिकल कॉलेज में बतौर शिक्षक कार्यरत था। उसी की निशानदेही पर गांव धौज से उनके कमरे से संदिध अमोनिया नाइट्रेट (विस्फोटक) और हथियार सहित काफी सामान बरामद हुआ था।
कश्मीर में पोस्टर चिपकाए पाए गए थे
जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के मुताबिक 19 अक्तूबर को श्रीनगर के नवगाम स्थित बुनपोरा इलाके में कई स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर चिपकाए पाए गए थे, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। इस पर नवगाम थाना , श्रीनगर में मामला दर्ज किया गया था। जांच में यह सामने आया कि यह एक सफेदपोश आतंकी तंत्र है, जिसमें कट्टरपंथी पेशेवरों और छात्रों का नेटवर्क शामिल है, जो पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे विदेशी आकाओं से संपर्क में थे।
यह समूह एन्क्रिप्टेड चैनलों का इस्तेमाल करता था, ताकि कट्टरपंथी विचार फैलाने, समन्वय करने, धन का लेनदेन करने और रसद की व्यवस्था की जा सके। फंड को सामाजिक और चैरिटेबल संस्थाओं के नाम पर जुटाया जाता था। आरोपी लोगों की पहचान कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर मोड़ने, आतंकी गतिविधियों में भर्ती करने, धन एकत्र करने, हथियारों की खरीद और आईईडी तैयार करने की सामग्री जुटाने में शामिल पाए गए।
अब तक इनकी हुई पहचान
जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, निवासी नवगाम, श्रीनगर, यासिर-उल-अशरफ, निवासी नवगाम, श्रीनगर, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, निवासी नवगाम, श्रीनगर, मौलवी इरफान अहमद (मस्जिद के इमाम), निवासी शोपियां, ज़मीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा, निवासी वाकुरा, गांदरबल, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब, निवासी कोईल, पुलवामा और डॉ. आदिल, निवासी वानपोरा, कुलगाम के रूप में हुई है।
फरीदाबाद से यह हुआ बरामद
पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि इस मामले में आरोपी डॉक्टर के घर से एक चीनी स्टार पिस्तौल, (गोला-बारूद सहित), एक बेरेटा पिस्तौल (गोला-बारूद सहित), एक एके-56 राइफल (गोला-बारूद सहित), कारतूस, एक एके क्रिंकॉव राइफल (गोला-बारूद सहित), 360 किलोग्राम सन्दिग्ध अमोनिया नाइट्रेट जिसमें विस्फोटक, रसायन, ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियाँ, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और धातु की चादरें आदि बरामद की हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में हरियाणा पुलिस करीब 15 दिन से पुलिस जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही थी। यह मॉड्यूल देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इसके बारे में अभी भी जांच चल रही है। जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की गई थी। जम्मू कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में और भी आरोपी फरार हैं। उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा।
दोनों मकान मालिकों से पूछताछ कर रही पुलिस
फरीदाबाद के आरोपी डॉक्टर ने दोनों जगह मकान किराए पर लिया हुआ था। जिनको विस्फोटक सामग्री और हथियार रखने के लिए इस्तेमाल किया गया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि दोनों मकान मालिकों से पुलिस पूछताछ कर रही है। अगर उनकी कोई संलिप्ता पाई जाएगी तो नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





