काम की बात: दिल्ली लक्ष्मी योजना में मिलने वाली रकम को किन-किन चीजों पर खर्च नहीं कर पाएंंगी महिलाएं
Delhi Lakshmi Yojana : दिल्ली लक्ष्मी योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए नशे और जुए जैसी लत पर खर्च पर रोक के लिए एक ‘नेगेटिव लिस्ट’ तैयार करने जा रही है। इस स्कीम के तहत सरकार की ओर से इस बार रक्षाबंधन से महिलाओं को हर महीने 2500 की आर्थिक मदद दी जाएगी।

Delhi Lakshmi Yojana : दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' की लाभार्थी महिलाओं के लिए एक ‘नेगेटिव लिस्ट’ के जरिए गलत खर्च पर पाबंदियां लगाने की योजना बना रही है। इस स्कीम के तहत महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि लाभार्थी हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद का इस्तेमाल शराब, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट खरीदने या ऑनलाइन जुए जैसी लत के लिए नहीं कर पाएंगी।बता दें कि, दिल्ली कैबिनेट ने इस हफ्ते की शुरुआत में 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' योजना को मंजूरी दी थी। साल 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे 17 लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होने की उम्मीद है।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देगी। इनमें से 1,500 रुपये रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जाएंगे और बाकी 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में क्रेडिट किए जाएंगे। दो अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल करेंसी वॉलेट में मौजूद पैसे केवल मंजूरी प्राप्त सामान और सेवाओं के लिए ही खर्च किए जा सकेंगे, जबकि 'नेगेटिव लिस्ट' में शामिल चीजों की खरीद पर रोक होगी।
निगेटिव लिस्ट में क्या-क्या शामिल
एक अधिकारी ने कहा कि नेगेटिव लिस्ट में शराब, पान, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और दूसरे नशीले पदार्थ शामिल हैं। लाभार्थी ऑनलाइन गेमिंग और जुए के लिए भी डिजिटल रुपया वॉलेट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
स्कीम की गाइडलाइंस के अनुसार, दिल्ली सरकार द्वारा खर्च पर लगाई गई पाबंदियों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी पैसे का इस्तेमाल शराब और जुए जैसी मनाही वाली चीजों पर नहीं, बल्कि घर के जरूरी खर्चों और कल्याणकारी कामों के लिए हो।
पाबंदियों पर क्या बोले अधिकारी
दो अधिकारियों ने माना कि सभी पाबंदियां लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि एक अन्य अधिकारी ने कहा कि चूंकि दिल्ली में शराब की सभी दुकानें सरकारी हैं, इसलिए हम उन दुकानों पर लक्ष्मी योजना वॉलेट के इस्तेमाल को रोक सकते हैं। लेकिन 'नेगेटिव लिस्ट' में शामिल दूसरी चीजों और सेवाओं पर होने वाले खर्च को रोकना बड़ी चुनौती है। हम अभी भी इन पर काम कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इस योजना का मकसद आर्थिक मदद देने के अलावा बचत, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कल्याणकारी योजनाओं में अधिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी फंड का इस्तेमाल 'नेगेटिव लिस्ट' में शामिल चीजों पर खर्च के लिए न हो।
डिजिटल रुपया या ई रुपया रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है। यह भारतीय रुपये का ही एक इलेक्ट्रॉनिक रूप है, जो यूजर्स को ठीक वैसे ही डिजिटल पेमेंट करने या पैसे स्टोर करने की सुविधा देता है, जैसे वे फिजिकल कैश के साथ करते हैं।
‘लाभार्थियों के पास होंगे दो विकल्प’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लाभार्थी महिलाओं के पास दो विकल्प होंगे। मिक्स्ड आरडी/एफडी और सीबीडीसी मॉडल के अलावा वो लॉन्ग टर्म सेविंग को बढ़ावा देने के लिए पूरे 2500 रुपये को रिकरिंग या फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा करने का विकल्प चुन सकती हैं।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
21 से 60 साल की उम्र की वों महिलाएं जिनकी सालाना फैमिली इनकम 2.5 लाख रुपये तक है, वो अन्य शर्तों के साथ इस योजना के लिए पात्र होंगी। जो महिलाएं पहले से ही किसी सरकारी योजना के तहत आर्थिक मदद या पेंशन पा रही हैं, इनकम टैक्स भरने वाली, जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाली, सरकारी कर्मचारी या ऐसे परिवारों की महिलाएं जिनके परिवार के सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग या अन्य सरकारी संगठनों में काम करते हैं, उन्हें इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
1 अगस्त से ऑनलाइन भरे जाएंगे आवेदन
अधिकारियों ने बताया कि योजना के 1 अगस्त से ऑनलाइन पोर्टल के जरिये आवेदन शुरू होंगे। आवेदकों को जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिसके बाद जिला-स्तरीय कमेटियां हर महीने आवेदनों की जांच करेंगी। सरकार का लक्ष्य रक्षाबंधन तक पहली किश्त जारी करना है।


