सांसद-विधायक से मंजूरी की वजह क्या? दिल्ली लक्ष्मी योजना का मामला पहुंचा हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने लक्ष्मी योजना के तहत आवेदकों के लिए सांसद या विधायक की मंजूरी अनिवार्य किए जाने पर सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत लाभ उठाने के लिए स्थानीय सांसद या विधायक के समर्थन की जरूरत के पीछे का कारण बताने का निर्देश दिया है। यह योजना महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपये की आर्थिक मदद देने संबंधी है।
अदालत ने पूछे तीखे सवाल
अदालत ने पूछा कि इस योजना के तहत लाभ चाहने वाले हर आवेदक के लिए सांसद या विधायक से मंजूरी जरूरी करके सरकार क्या मकसद हासिल करना चाहती है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि यदि जरूरत आवेदकों के पास मौजूद विकल्प में से एक है तो ठीक है। लेकिन यहां समस्या यह है कि यही एकमात्र विकल्प है।
सरकार से मांगा हलफनामा
पीठ ने सरकार से कहा कि वह इस मुद्दे पर पूर्व कांग्रेस पार्षद अभिषेक दत्त व मौजूदा पार्षद वेदपाल शीतल चौधरी की एक जनहित याचिका के जवाब में 10 दिनों के अंदर एक छोटा हलफनामा दाखिल करे।
सांसद-विधायक से मंजूरी की वजह क्या?
पीठ ने पूछा कि सांसद-विधायक से सिफारिश कराने का क्या कारण है। बिना किसी तर्क के कोई नीति या योजना मनमानी है। पीठ ने पहले कहा था कि आय प्रमाणपत्र और रिहायशी दस्तावेज मांगकर योग्यता का पता लगाया जा सकता है। फिर ये बेवजह की शर्त का मतलब नहीं बनता।
सांसद-विधायक से मंजूरी का कारण बताएं
अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार एक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत फायदा पाने के लिए सांसद-विधायक से मंजूरी की प्रणाली शुरू करने का कारण बताया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी।
क्या बोली सरकार?
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि गजट अधिसूचना में ऐसी किसी भी जरूरत के बारे में बात नहीं की गई है। सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि यह योजना कई दूसरे राज्यों में भी शुरू की गई है। इस योजना की जरूरत देश में हर जगह है। इसके पीछे एक तार्किक वजह है। योजना में 6.1 लाख लाभार्थी पहले ही जुड़ चुके हैं।
क्या है लक्ष्मी योजना?
कैबिनेट से मंजूर योजना के दिशा-निर्देशानुसार दिल्ली की 21 से 60 साल की वे महिलाएं जिनके परिवार की आय सालाना ढाई लाख तक है। वह इसके तहत फायदा उठा सकती हैं। इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा।
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
वे महिलाएं जो पहले से ही किसी दूसरी आर्थिक मदद योजना या पेंशन के तहत फायदा ले रही हैं, आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, जिनके तीन से ज्यादा बच्चे हैं, जिन परिवारों में सालाना बिजली की खपत 2,400 यूनिट से ज्यादाय है, जिनके पास चार पहिया गाड़ी है, या जिन परिवारों का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या किसी आपराधिक का सामना कर रहा है, वे योग्य नहीं होंगे।
परिवार की बड़ी महिला ही पात्र
योग्यता की एक प्रमुख शर्तें यह हैं कि परिवार की सबसे बड़ी योग्य महिला ही आवेदन कर सकती है। आवेदनकर्ता या उनके माता-पिता या पति कम से कम 10 साल से दिल्ली में रहने वाले होने चाहिए। लाभार्थी को नेशनल कैपिटल में रजिस्टर्ड वोटर होना चाहिए।


