
किराड़ी जलभराव का कैसे होगा समाधान? प्रवेश वर्मा ने बताया प्लान; AAP पर सवालों की बौछार
किराड़ी के शर्मा एन्क्लेव की गलियों में 8 महीनों से सीवर का गंदा पानी जमा होने से लोग परेशान हैं। इस मुद्दे पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सरकार को घेरा है तो दूसरी ओर मंत्री प्रवेश वर्मा ने पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए जल्द समस्या सुलझाने का भरोसा दिया है।
दिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के शर्मा एन्क्लेव की गलियों में आठ महीनों से जमा सीवर के गंदे पानी की बदबू से हालात बेहद खराब हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किराड़ी विधानसभा क्षेत्र की अन्य कॉलोनियों के नालों और नालियों का पानी यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। अब इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने पिछली सरकार ने यदि काम किया होता तो हालात ऐसे ना होते। प्रवेश वर्मा ने समस्या के समाधान का भी भरोसा दिया।
11 साल तक पिछली सरकार ने क्या काम किया?
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रमुखता से किराड़ी विधानसभा में पानी भरने का मुद्दा उठाया जा रहा है। आप से लेकर राहुल गांधी तक इस मुद्दे को उठा रहे हैं। बीते एक दशक से लगातार यह समस्या बनी हुई है। कोरोना के समय भी किराड़ी की यही हालत थी। मेरा सवाल है कि दिल्ली में पिछले 11 साल तक पिछली सरकार ने क्या काम किया? उन्होंने यदि काम किया होता तो किराड़ी की यह हालत नहीं होती।
AAP पर सवालों की बौछार, मांगा जवाब
प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी पर सवालों की बौछार करते हुए कहा कि आप के नेता बतायें कि क्या उन्होंने यहां सीवर लाइन डाली थी? सीवर की लाइन कहां जाएगी क्या आम आदमी पार्टी ने यह योजना बनाई थी। क्या आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार ने यह तय किया था कि इसका सीवेज ट्रीटमेंट कहां होगा?
क्यों है समस्या?
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि आज जहां अधिकांश इलाका डूबा है। वजह निचली जमीन है। इस वजह से इलाके में पूरे विधानसभा का पानी आता है। इलाके के शौच, सीवेज का पानी, बारिश का पानी, नाली का पानी जाने का कोई रास्ता नहीं है। सवाल यह भी कि जहां लगभग दस लाख लोग रहते हैं, वहां साल 2020 तक सीवेज की एक पाइपलाइन भी नहीं डाली गई। 2020 तक केवल 43 लाख का काम सर्वर लाइन में किया गया। इससे महज 100 मीटर लाइन डाली जा सकती है।
10 लाख लोगों की कालोनी में सीवर नेटवर्क ही नहीं
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि 10 लाख लोगों की कालोनी में कभी सीवर नेटवर्क डाला ही नहीं गया इसलिए यह डूब रहा है। 2020 में सबसे पहले डीडीए ने नाले का प्लान बनाया। डीडीए ने लगभग 100 करोड़ रुपये पास किया और नाले को बनाने का प्रस्ताव दिया। दिल्ली जल बोर्ड ने 100 से अधिक अवैध कालोनियों में 480 करोड़ रुपये से उपराज्यपाल के निर्देश पर काम शुरू किया लेकिन पानी कहां ले जाया जाएगा यह प्लान ही नहीं किया गया।
केवल सीवर के पाइप रखकर छोड़े
प्रवेश वर्मा ने कहा कि 114 कालोनियों में सीवर डालने का काम दिसंबर 2024 में खत्म हो जाना चाहिए था लेकिन नहीं हुआ। पूर्व विधायकों ने केवल सीवर लाइन बनाने का दावा कर प्रॉपर्टी के दाम दोगुने किए। समस्या केवल किराड़ी की नहीं है। देवली में भी अभी तक सीवर नेटवर्क नहीं डाला गया है। ढाई सौ से अधिक कालोनियां हैं जहां हमारी सरकार ने सीवर डालने का काम शुरू किया है। पिछली सरकार ने तो केवल वहां सीवर के पाइप रखकर छोड़ दिए थे।
हमारी सरकार ने लिया फैसला
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि अब जब भाजपा की सरकार आई है तो इस पानी को रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भेजने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर काम शुरू हो गया है। जून 2026 तक इसका काम शुरू होगा और सीवेज को पंप के जरिए एसटीपी तक भेजा जाएगा। प्रताप विहार, भाग्य विहार और प्रेम नगर में ये पंप होंगे।
सांसद ने मांगे थे पैसे, बन रही ड्रेन
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने यह भी बताया कि क्षेत्र के सांसद ने मुख्यमंत्री से 30 करोड़ रुपये मांगे थे जिससे एक ड्रेन बन रही है। हमारी सरकार साढ़े चार किलोमीटर की ड्रेन बना रही है। डीडीए साढ़े सात किलोमीटर की नाला बना रहा है। रोहतक रोड पर नाला बनाया जा रहा है जबकि पीडब्ल्यूडी भी यहां नाला बना रहा है।
किराड़ी में नौ करोड़ का हो रहा काम
प्रवेश वर्मा ने बताया कि डीडीए लैंड फिलिंग कर रही है जिसकी वजह से पानी शर्मा कॉलोनी की तरफ चला गया है। सरकार पूरे मामले को देख रही है। उस इलाके को अपलिफ्ट किया जा रहा है। हमारी सरकार जून महीने तक इस जगह पर ना केवल सीवर लाइन डालेगी वरन इस इलाके की सीवर लाइन को मुख्य लाइन से जोड़ने का काम करेगी। इसके साथ ही प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि किराड़ी की शर्मा कॉलोनी में लगभग नौ करोड़ की लागत से काम किया जा रहा है।

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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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