
भड़काऊ नारे लगाने वालों के खिलाफ ऐक्शन में JNU, CSO ने प्रॉक्टर को सौंपी रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कार्यक्रम शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन जमानत याचिकाओं पर अदालती फैसले के बाद सभा का मिजाज और तरीका काफी बदल गया। आरोप है कि कुछ छात्रों ने अत्यधिक आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ नारे लगाने शुरू कर दिए।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस के अंदर भड़काऊ नारे लगाने वाले मामले पर JNU के सुरक्षा प्रमुख ने प्रॉक्टर को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं से जुड़े अदालती फैसले के बाद छात्रों की एक छोटी सभा भड़काऊ नारों में बदल गई। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मौके पर लगभग 30-35 छात्र मौजूद थे। मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) ने इस सभा में कथित रूप से शामिल कई प्रमुख छात्रों की पहचान की है।
रिपोर्ट में क्या लिखा है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कार्यक्रम शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन जमानत याचिकाओं पर अदालती फैसले के बाद सभा का मिजाज और तरीका काफी बदल गया। आरोप है कि कुछ छात्रों ने अत्यधिक आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ नारे लगाने शुरू कर दिए। इन नारों को भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सीधी अवमानना बताते हुए, मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) ने कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक विरोध के अनुरूप नहीं थीं और JNU की आचार संहिता (Code of Conduct) का उल्लंघन थीं। रिपोर्ट में आगे चेतावनी दी गई कि इन नारों से सार्वजनिक व्यवस्था, कैंपस के आपसी भाईचारे और विश्वविद्यालय की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस को भी मिली शिकायत
दिल्ली पुलिस के अनुसार, "JNU परिसर में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की घटना के संबंध में वसंत कुंज उत्तर थाने में JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से एक शिकायत प्राप्त हुई है। आवश्यक कार्रवाई के लिए इसकी जांच की जा रही है।"
नारे जानबूझकर लगाए गए थे....
CSO ने आगे कहा कि ये नारे साफ तौर पर सुनाई दे रहे थे, जानबूझकर लगाए गए थे और बार-बार दोहराए गए थे, जिससे सुरक्षा और अनुशासन के नजरिए से गंभीर बात है। अधिकारियों ने बताया कि अब इस मामले को आगे की जांच और उचित कार्रवाई के लिए JNU प्रॉक्टर के सामने रख दिया गया है। इससे पहले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने पुलिस से उन छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज करने का अनुरोध किया था, जिन्होंने कथित तौर पर सोमवार रात साबरमती हॉस्टल के बाहर "आपत्तिजनक, उत्तेजक और भड़काऊ नारे" लगाए थे। छात्रों ने पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ कब्र खुदेगी के नारे लगाए थे।
बता दें कि विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग के एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह घटना 5 जनवरी 2020 को JNU में हुई हिंसा की छठी बरसी पर 'जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ' (JNUSU) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। "ए नाइट ऑफ रेजिस्टेंस विद गुरिल्ला ढाबा" शीर्षक वाले इस कार्यक्रम में हॉस्टल के बाहर लगभग 30-35 छात्र जमा हुए थे।





