दिल्ली के जर्जर EWS फ्लैट्स का होगा कायाकल्प, पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन से लेकर क्या खास?
मुख्यमंत्री गुप्ता ने आगे कहा कि सरकार ने अब इन फ्लैटों को पूरी तरह से पुनर्गठित करने और आवश्यक सुविधाओं से युक्त मॉडल बस्ती के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि हम इन फ्लैटों को फिर से डिजाइन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो।

दिल्ली के जहांगीरपुरी और भलस्वा में जर्जर हो चुके EWS फ्लैट्स के दिन बहुरने वाले हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार गरीबों को सम्मानजनक आवास प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भलस्वा-जहांगीरपुरी में जर्जर हो चुके EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैटों का निरीक्षण किया और इसके लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया कि उसने वर्षों तक इस परिसर को वीरान छोड़ दिया। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के फ्लैटों के निरीक्षण के दौरान, गुप्ता ने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने शहर के गरीबों के लिए वादे तो किए लेकिन जमीन पर कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा, "भलस्वा के ये फ्लैट, जहां हम आज खड़े हैं, 2016 में पूरे हो गए थे। 2016 से 2025 तक, ये फ्लैट जर्जर हालत में खराब होते चले गए, फिर भी पिछली सरकार ने एक भी फ्लैट किसी गरीब परिवार को आवंटित नहीं किया। यह जनता के साथ धोखा है। यहां लगभग 7,400 फ्लैट बनाए गए थे, लेकिन वे वीरान पड़े रहे, खंडहर में बदल गए, और यहां तक कि फिटिंग्स और सामान भी गायब हो गया।"
मुख्यमंत्री गुप्ता ने आगे कहा कि सरकार ने अब इन फ्लैटों को पूरी तरह से पुनर्गठित करने और आवश्यक सुविधाओं से युक्त मॉडल बस्ती के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। उन्होंने कहा, "हम इन फ्लैटों को फिर से डिजाइन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो। यहां दुकानें, सभी वाहनों के लिए उचित पार्किंग स्थल, रिक्शा सुरक्षा प्रावधान और चार्जिंग स्टेशन होंगे।" उन्होंने यह भी जोड़ा, "हम इस सरकार के कार्यकाल के भीतर दिल्ली के झुग्गीवासियों के लिए ऐसा ही एक मॉडल तैयार करने की योजना बना रहे हैं।" रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रस्तावित पुनर्विकास में एक प्राथमिक विद्यालय एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बच्चों के लिए खेलने की जगहें और अन्य सामुदायिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।


