चार गुना ज्यादा प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली, 11 इलाकों में फिर 450 के पार पहुंचा AQI
हवा की रफ्तार कम होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर एक बार फिर भीषण स्थिति में जाने लगा है। शनिवार की रात 8 बजे दिल्ली के 11 इलाकों का एक्यूआई 450 से ऊपर यानी अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, हवा में मानकों से पौने चार गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद रहा।

हवा की रफ्तार कम होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर एक बार फिर भीषण स्थिति में जाने लगा है। शनिवार की रात 8 बजे दिल्ली के 11 इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 से ऊपर यानी अति गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। वहीं, हवा में मानकों से पौने चार गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद रहा।
दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रदूषक कणों का स्तर मानकों से पौने चार गुना ज्यादा तक पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी का अनुमान है कि दिल्ली की हवा में अभी प्रदूषण बना रहेगा। पिछले साल 14 अक्टूबर को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंची थी। इसके बाद से एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे आया हो। हवा की गति तेज होने पर प्रदूषण के स्तर में हल्का सुधार तो हो रहा है, लेकिन दिल्ली की हवा पूरी तरह से साफ नहीं हो रही है।
पिछले दो-तीन दिनों में हवा की गति कमजोर पड़ने के साथ ही एक बार फिर से प्रदूषण के स्तर में तेज इजाफा देखने को मिला है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन, यह गंभीर श्रेणी से सिर्फ एक अंक नीचे है। एक दिन पहले यह सूचकांक 354 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे के भीतर इसमें 46 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। हवा की गति कमजोर होने के चलते शाम के समय भी इसमें तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। सीपीसीबी के मुताबिक शाम को 8 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 के अंक तक पहुंच गया। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु मंडल में धुंध और प्रदूषण की एक परत देखने को मिल रही है।

पीएम कणों का स्तर बढ़ा
दिल्ली-एनसीआर की हवा में शनिवार की शाम आठ बजे पीएम 10 का औसत स्तर 375 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का औसत स्तर 236 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से लगभग पौने चार गुना ज्यादा प्रदूषण मौजूद है।
क्या है अति गंभीर श्रेणी
वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर प्रदूषण को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। 201 से 300 तक के सूचकांक को खराब और 301 से 400 को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। जबकि, 401 से 450 तक के सूचकांक को गंभीर और 450 से ऊपर के सूचकांक को अति गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक प्रदूषण के स्तर को 500 तक के सूचकांक में ही मापा जाता है, उससे ऊपर आपातकालीन स्थिति होती है, जिसे मापा नहीं जाता।
अभी जहरीली हवा से राहत के आसार नहीं
दिल्ली में प्रदूषण की अभी जो स्थिति है उसमें तभी सुधार हो सकता है जब या तो मौसम के कारक पूरी तरह से प्रदूषण साफ कर दें या फिर प्रदूषण का उत्सर्जन एकदम से कम हो जाए। सर्द मौसम की वजह से प्रदूषण के स्रोत सामान्य से दिनों से भी ज्यादा हो गए हैं। जबकि, तेज हवा या बारिश जैसी मौसमी गतिविधि अभी होने की संभावना कम है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन भी धीमा होगा।





