
दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी, 2500 उड़ानें रद्द; सामान की तलाश में हाहाकार!
इंडिगो एयरलाइंस की पिछले चार दिनों में 2,450 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद दिल्ली IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर यात्रियों में हाहाकार मचा हुआ है और हजारों यात्री अपने चेक-इन सामान की तलाश में भटक रहे हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर शनिवार को भी वही अफरा-तफरी थी। इंडिगो की पिछले चार दिनों में 2,450 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द होने के बाद हजारों यात्री अपने चेक-इन सामान की तलाश में भटक रहे हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले चार दिनों से जो त्राहि-त्राहि मची है, उसे देखकर लगता है कि कोई युद्ध चल रहा हो। लेकिन यहां दुश्मन कोई बाहरी नहीं है, बल्कि हजारों गायब सूटकेस और बेबस यात्री हैं। इंडिगो की 2,450 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द होने के बाद पूरा देश हवाई अड्डों पर हाहाकार मचा हुआ है और सबसे बुरा हाल आईजीआई टर्मिनल-1 का है, जहां लोग अपने सामान की तलाश में पागल हुए जा रहे हैं।
सामान का ढेर, यात्री परेशान
शनिवार दोपहर अराइवल गेट के बाहर सैकड़ों लोग लंबी कतार में खड़े थे। ज्यादातर लोग तीसरे-चौथे दिन भी सामान ढूंढने आए थे। 42 साल के अक्षत गौतम ने बताया, 'गुरुवार को चेन्नई की फ्लाइट कैंसिल हो गई थी। सामान पहले ही चेक-इन हो चुका था। शुक्रवार को जब अंदर जाने दिया तो हर बेल्ट के सामने हजारों सूटकेस बिखरे पड़े थे। भीड़ इतनी थी कि कुछ ढूंढना नामुमकिन था। आज फिर आए हैं।'
दवाइयां गायब, मरीज बेसहारा
32 साल के कुमार विवेक पटना जा रहे थे। उन्होंने कहा, 'पापा के लिए दिल्ली के सरकारी अस्पताल से खास दवा लाया था, जो पटना में नहीं मिलती। फ्लाइट कई बार डिले हुई और आखिर में कैंसिल कर दी गई। गुरुवार और शुक्रवार को भी सामान नहीं मिला। अब दूसरी दवा कुरियर कर दी है।' इसी कतार में खड़े 33 साल के राजन कुमार ने भी यही शिकायत की। उनके माता-पिता गांव में रहते हैं, वहां दवा उपलब्ध नहीं है।
जापान से आए बिजनेसमैन भी फंसे
48 साल के जापानी नागरिक निन रेंचोंट अपने साथी के साथ लाइन में थे। वे बोले, 'हम जापान से दिल्ली आए थे। राजकोट की कनेक्टिंग फ्लाइट बुधवार को कैंसिल हो गई। मीटिंग जरूरी थी, इसलिए दूसरी फ्लाइट ले ली, लेकिन सूटकेस छूट गया। उसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। प्रेजेंटेशन खराब हो गया। आज शाम जापान लौटना है, बैग मिले या नहीं, पता नहीं।'
मां की मजबूरी
29 साल की सुप्रिया सिंह अपनी एक साल की बेटी को गोद में लिए टिकट काउंटर के सामने बैठी थीं। वे बोलीं, 'बुधवार से एयरपोर्ट पर फंसी हूं। सूरत की फ्लाइट कैंसिल हो गई। बच्ची को यहां न अच्छा खाना मिल रहा है, न दूध। कल रात होटल लेना पड़ा। सामान भी नहीं मिला।'
DGCA ने दी इंडिगो को बड़ी राहत
शुक्रवार को DGCA ने इंडिगो की अपील पर पायलट्स की नाइट ड्यूटी और वीकली रेस्ट के नए नियमों में छूट दे दी। पायलट्स को दूसरी जगहों से भी बुलाने की इजाजत मिल गई।





