
दिल्ली हाईकोर्ट रिट याचिका के दुरुपयोग पर भड़का, कहा- ‘ऐसे लोगों पर…’
संक्षेप: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को एनजीओ की तरफ से अनधिकृत रूप से रिट याचिका दायर करने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। व्यक्ति द्वारा यह याचिका शहर के जामिया नगर इलाके में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर की गई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की तरफ से अनधिकृत रूप से रिट याचिका दायर करने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। व्यक्ति द्वारा यह याचिका शहर के जामिया नगर इलाके में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों पर कड़ा ऐक्शन लेना जरूरी है।

आरोपी व्यक्ति ने याचिका दायर करने के लिए स्पष्ट रूप से एनजीओ के लेटर हेड का दुरुपयोग किया था। हालांकि बाद में एनजीओ के प्रमुख हाईकोर्ट में उपस्थित हुए और उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि उस व्यक्ति का एनजीओ से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने याचिका वापस लेने की मांग की।
इस बीच, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की तरफ से पेश हुए वकील ने जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच को सूचित किया कि संबंधित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है। इस पर बेंच ने टिप्पणी की कि स्पष्ट रूप से जब एक अनधिकृत व्यक्ति अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए इस प्रकृति की याचिका दायर करता है तो यह आचरण न केवल धोखाधड़ीपूर्ण है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भी है।
याचिकाकर्ता पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
बेंच ने कहा कि जब कोर्ट की इस गंभीर प्रक्रिया का दुरुपयोग गैरकानूनी लाभ के लिए छिपे हुए गलत इरादों से किया जाता है तो न्यायालयों को ऐसे बेईमान व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है। वर्तमान मामले में एक एनजीओ के नाम का उपयोग करके याचिका दायर करना गंभीर अपराध है। बेंच ने याचिकाकर्ता फरीद अली पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। बेंच ने संबंधित जिले के डीसीपी को इस मामले की जांच करने का भी निर्देश दिया।





