
शाहीन बाग में खुली सीवर लाइन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, जल बोर्ड को लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहीन बाग में खुली सीवर लाइन से हो रहे रिसाव पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली जल बोर्ड को तुरंत मरम्मत करने और स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में एक खुली सीवर लाइन से रिसाव की समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे चलना तो दूर, सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। लेकिन अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने लिया ऐक्शन
हाईकोर्ट खुद इस मुद्दे पर ऐक्शन में आ गया जब उसकी नजर टाइम्स ऑफ इंडिया की 7 जनवरी की एक रिपोर्ट पर पड़ी। रिपोर्ट में ओखला के पास शाहीन बाग में खुली नाली से पानी लीक होने की भयावह तस्वीर दिखाई गई थी। कोर्ट ने कहा,'लोग सड़क पर चल भी नहीं पाते। ये रिसाव स्वास्थ्य, सुरक्षा और सफाई के लिए बड़ा खतरा है।' जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने इसे गंभीरता से लिया।
जल बोर्ड को दिया सख्त निर्देश
कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को फौरन कदम उठाने के आदेश दिए। बोर्ड को MCD, PWD या किसी भी अन्य सरकारी एजेंसी की मदद लेने को कहा गया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कह, तुरंत इलाके का निरीक्षण करो, लीकेज ठीक करो और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करो। ये निर्देश दिल्ली में जलभराव की बड़ी समस्या पर चल रहे एक केस की सुनवाई के दौरान दिए गए।
जलभराव की जंग जारी
मुख्य मामले में कोर्ट ने देखा कि संबंधित अधिकारियों ने स्टेटस रिपोर्ट तो दाखिल की हैं, लेकिन समस्याएं अभी भी बरकरार हैं। कोर्ट ने सभी सिविक बॉडीज को मीटिंग बुलाने और अनसुलझी शिकायतों को हाइलाइट करने का आदेश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी।





