यूनिवर्सिटी को नहीं दे सकते फिर से काउंसलिंग का आदेश, सीटें खाली रहने पर दिल्ली हाईकोर्ट

यूनिवर्सिटी को नहीं दे सकते फिर से काउंसलिंग का आदेश, सीटें खाली रहने पर दिल्ली हाईकोर्ट

संक्षेप:

दिल्ली HC ने कहा कि वह किसी विश्वविद्यालय को नया काउंसलिंग राउंड आयोजित करने का आदेश नहीं दे सकती है। हालांकि अदालत ने यह भी साफ किया कि प्रवेश प्रक्रिया को एक निश्चित समय पर समाप्त होना चाहिए। 

Nov 08, 2025 03:10 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, हेमलता कौशिक, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह किसी विश्वविद्यालय को नया काउंसलिंग राउंड आयोजित करने का आदेश नहीं दे सकती, भले ही कुछ सीटें खाली रह गई हों। अदालत ने साफ किया कि प्रवेश प्रक्रिया को एक निश्चित समय पर समाप्त होना चाहिए। इसे अनिश्चित काल तक जारी नहीं रखा जा सकता है।

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मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर की, जिसमें एक अभ्यर्थी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को एलएलबी कोर्स में एडमिशन के लिए स्पॉट 5वें राउंड की काउंसलिंग कराने का निर्देश देने की मांग की थी।

अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से है। उसने आरोप लगाया कि डीयू ने स्पॉट चौथे राउंड (12 सितंबर को समाप्त) के बाद 98 सीटों की स्थिति जानबूझकर छिपाई। उनमें से कई सीटें अब भी खाली हैं। उसने विश्वविद्यालय से ओबीसी श्रेणी की खाली सीटों की जानकारी मांगी थी लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।

खंडपीठ ने एकल पीठ का आदेश बरकरार रखते हुए कहा गया कि डीयू की प्रवेश प्रक्रिया 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। नया काउंसलिंग राउंड आयोजित नहीं किया जा सकता।

पीठ ने कहा कि अभ्यर्थी ने खुद स्वीकार किया कि उसने सीयूईटी-पीजी 2025 परीक्षा में 151 अंक प्राप्त किए, जबकि ओबीसी श्रेणी में स्पॉट चौथे राउंड की कटऑफ 155 अंक थी। इसलिए वह पात्र नहीं था।

पीठ ने कहा कि यदि ऐसे निर्देश जारी कर दिए जाएं तो यह एक अराजक व अंतहीन स्थिति पैदा कर देगा। हर अपात्र उम्मीदवार अदालत में आकर यह मांग करेगा कि जब तक सभी सीटें भर नहीं जातीं, यूनिवर्सिटी को काउंसलिंग कराते रहना चाहिए, फिर चाहे उसके अंक कितने भी हों। पीठ ने कहा कि अदालतें इसे प्रशासनिक विवेकाधिकार के क्षेत्र में हस्तक्षेप करके बेवजह के मुद्दों को अनिश्चितकाल तक नहीं बढ़ा सकतीं।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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