
'...तो सभी स्कूलों में टिनशेड लगा दो'; हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को उसके द्वारा दाखिल हलफनामे पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि अच्छे परिणाम टिनशेड वाले स्कूल को जारी रखने का औचित्य है, तो सभी स्कूलों को टिनशेड में परिवर्तित कर दिया जाना चाहिए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में सरकारी स्कूलों के टिनशेड में चलने के मामले में सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को उसके द्वारा दाखिल हलफनामे पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यदि अच्छे परिणाम टिनशेड वाले स्कूल को जारी रखने का औचित्य है, तो सभी स्कूलों को टिनशेड में परिवर्तित कर दिया जाना चाहिए।

चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने बुधवार को दिल्ली सरकार व शिक्षा निदेशालय को उसके द्वारा दायर जवाब पर फटकार लगाई। बेंच ने कहा कि 1986 से उत्तर-पूर्वी दिल्ली का एक स्कूल टिनशेड में चल रहा है। 40 साल में हजारों छात्र बदहाल स्थिति में पढ़कर यहां से निकल गए, लेकिन सरकार व निदेशालय की नींद नहीं खुली। अब सरकार बगैर किसी हिचक से हलफनामा दाखिल कर कह रही है कि बेशक स्कूल टिनशेड में चल रहे हैं, लेकिन इन स्कूलों के पिछले दो वर्ष के शैक्षणिक सत्र में छात्रों ने उम्दा प्रदर्शन किया है।
बेंच ने कहा कि यदि ऐसा है तो दिल्ली के सभी स्कूलों को टीन शेड में बदल दिया जाए। बेंच ने कहा कि सरकार कितनी बेबाकी से अपनी खामी को कामयाबी में बदल रही है।
बेंच ने कहा कि सरकार व शिक्षा निदेशालय को दो महीने का समय दिया जा रहा है। अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
अशोक नगर के स्कूल का प्रदर्शन
हलफनामे में सरकार ने दावा किया था कि अशोक नगर के दो पाली में चलने वाले स्कूल के बारे में शिक्षा निदेशालय का कहना है कि शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में लड़कियों की पहली पाली में स्कूल में दसवीं कक्षा का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.43 प्रतिशत एवं लड़कों की दूसरी पाली में 95.8 प्रतिशत था। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में नतीजे और बेहतर हुए।
जनहित याचिका पर सुनवाई
स्कूलों के टिनशेड में पढ़ने वाले छात्रों की दुर्दशा को उजागर करते हुए गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की हुई है। याचिका में कमला मार्केट स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय व अशोक नगर के स्कूलों का मुद्दा उठाया गया है।





