सत्य निकेतन हादसे के बीच DU में और हॉस्टलों की मांग को लेकर याचिका दायर, दिल्ली HC का तुरंत सुनवाई से इनकार
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए हर कॉलेज में हॉस्टल की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की जा चुकी है।

सत्य निकेतन की घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए हर कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा देने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर पहले ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की जा चुकी है, इस देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को तुरंत लिस्ट करने से मना कर दिया। बता दें कि, सत्य निकेतन में रविवार 6 सितंबर को ब्यॉज पीजी वाली एक 5 मंजिला इमारत ढहने से 5 छात्रों समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी।
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के सामने यह मामला रखा गया था, जिसमें वकील ने इसे मंगलवार को ही याचिका लिस्ट करने की मांग की थी। बेंच ने कहा कि याचिका बुधवार 9 सितंबर को अपने आप लिस्ट हो जाएगी।
बेंच ने कहा, "एक PIL पहले ही दायर की जा चुकी है। वह कल आएगी। आप बिना वजह अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। क्या अंतरिम निर्देश के जरिए ऐसा कोई आदेश जारी किया जा सकता है?"
PG के ढहने से और हॉस्टल की जरूरत का पता चला
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में कैंपस के अंदर रहने के लिए सस्ते जगह का नहीं होना, राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) का धंंधा तेजी से फलने-फूलने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। हालांकि कुछ कॉलेजों में हॉस्टल मौजूद हैं, लेकिन वो भी मांग के मुताबिक काफी कम हैं, इसलिए पूरे भारत से आए छात्रों को प्राइवेट पीजी में ही रहना पड़ता है।
HT की एक पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, डीयू के पांच कॉलेजों के डेटा से पता चलता है कि उनके हॉस्टल की आधिकारिक क्षमता उनके कुल छात्रों की संख्या के 5% हिस्से को भी कवर नहीं करती।
कॉलेज - कुल छात्र - हॉस्टल क्षमता
मिरांडा हाउस :- 6,000 :- 360 लड़कियां
किरोड़ीमल कॉलेज (KMC) :- 5,500 :- 180 लड़के
हिंदू कॉलेज : - 4,500 :- 170 लड़कियां
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) :- 3,350 :- 280 छात्र
लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (LSR) :- 5,000 :- 150 लड़कियां
हाईकोर्ट ने दिए सत्य निकेतन हादसे की जांच के आदेश
हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के ढहने की घटना की हाई लेवल जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट ने नगर निगम को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि क्या इमारत का निर्माण और संचालन आवश्यक मंजूरियों के साथ किया गया था।


