अबतक उसकी अंत्येष्टि नहीं हुई; श्रद्धा वालकर केस में भाई की तय समय में ट्रायल पूरा करने की मांग; HC ने यह कहा
पुलिस ने जनवरी 2023 में पूनावाला के खिलाफ हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उसने चाकू, कैंची और आरी का इस्तेमाल करके अपनी लिवइन पार्टनर श्रद्धा की हत्या की थी और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को श्रद्धा वालकर मर्डर केस में ट्रायल पूरा करने के लिए कोई तय समय-सीमा तय करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह कहते हुए इस मांग को मानने से इनकार कर दिया कि इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि कार्यवाही रोजाना हो रही है। कोर्ट ने यह आदेश श्रद्धा के भाई श्रीजय विकास वालकर की याचिका पर दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट को कार्यवाही एक तय समय-सीमा में पूरी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि ट्रायल की धीमी गति की वजह से उनका परिवार अबतक श्रद्धा का अंतिम संस्कार नहीं कर सका है, क्योंकि उसके शरीर के अवशेष अब भी केस की प्रॉपर्टी का हिस्सा है।
मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस मधु जैन की बेंच ने अपने आदेश में कहा, 'इस स्तर पर कोई और निर्देश देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ट्रायल रोजाना चल रहा है।' हाई कोर्ट में लगाई अपनी इस याचिका में, वालकर के भाई ने कहा था कि नवंबर 2022 में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला की गिरफ्तारी और मेडिकल, डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के साथ पूरी जांच होने के बावजूद, ट्रायल बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
'अबतक नहीं हो सका बहन का अंतिम संस्कार'
श्रद्धा के भाई ने बताया कि इस देरी ने परिवार पर बहुत ज्यादा भावनात्मक बोझ डाला है, क्योंकि उनकी बहन के शरीर के कटे हुए हिस्से आज भी जांच एजेंसी और ट्रायल कोर्ट के पास सबूत के तौर पर रखे हुए हैं। ऐसे में ट्रायल में लंबी देरी के कारण परिवार उनका अंतिम संस्कार करने और उन्हें सम्मानजनक विदाई देने के मौके से वंचित रह गया है।
याचिका में कहा गया था कि, 'अंतिम संस्कार करने में लगातार हो रही साल दर साल की देरी की वजह से उनके परिवार को बहुत ज्यादा भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक सदमा पहुंचा है, और जब तक शरीर के हिस्से रोके रखे जाएंगे, यह सदमा हर दिन बना रहेगा।'
'सरकारी वकील ने कहा- सिर्फ शनिवार-रविवार को छोड़….
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील अमित प्रसाद ने उच्च न्यायालय को बताया कि सिर्फ शनिवार और रविवार को छोड़कर ट्रायल रोजाना चल रहा है, और ट्रायल कोर्ट कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहा है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस केस के 222 गवाहों में से 157 गवाहों की गवाही पहले ही पूरी हो चुकी है। आगे उन्होंने कहा कि छह गवाहों की जांच और 14 गवाहों से जिरह होना अभी बाकी है, जबकि 15 गवाहों को पहले ही हटा दिया गया है और अभियोजन पक्ष द्वारा 23 और गवाहों को हटाए जाने की संभावना है।
चार साल पहले हुई थी श्रद्धा की हत्या, लिव-इन पार्टनर पर आरोप
बता दें कि 27 साल की श्रद्धा वालकर की हत्या 18 मई 2022 को हुई थी, पुलिस जांच के अनुसार उसके लिव-इन पार्टनर और मुख्य आरोपी 28 वर्षीय आफताब अमीन पूनावाला ने उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी थी और फिर उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करते हुए उन्हें छतरपुर पहाड़ी स्थित अपने घर के फ्रिज में रख दिया था। इसके बाद वह धीरे-धीरे पास के जंगल में उन्हें फेंककर ठिकाने लगाता रहा।
पुलिस ने जनवरी 2023 में पूनावाला के खिलाफ हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उसने चाकू, कैंची और आरी का इस्तेमाल करके वालकर की हत्या की और उसके शव के टुकड़े किए। चार्जशीट में बताया गया कि पूनावाला इस बात से नाराज था कि वॉकर किसी ऐसे व्यक्ति से बात कर रही थी जिससे वह डेटिंग ऐप के जरिए मिली थी। यह मामला फिलहाल ट्रायल एडिशनल सेशंस जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट), साकेत कोर्ट्स के सामने पेंडिंग है।


