दिल्ली बार काउंसिल के चुनावों में दोबारा नहीं होगी वोटिंग, हाईकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव में दोबारा वोटिंग कराने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि बैलेट पेपर में छेड़छाड़ से पूरा चुनाव खराब नहीं हुआ है। अदालत ने क्या बातें कही? जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

दिल्ली हाई कोर्ट ने शनिवार को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव के लिए दोबारा वोटिंग का आदेश देने से इनकार कर दिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बैलेट पेपर में कथित छेड़छाड़ से चुनाव प्रक्रिया खराब नहीं हुई है। कई वकीलों ने दोबारा वोटिंग की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की थीं। उनका तर्क था कि 15 अप्रैल को गिनती करने वाले कर्मचारियों में से एक सदस्य द्वारा बैलेट पेपर से छेड़छाड़ की बात स्वीकार किए जाने के कारण पूरा चुनाव अमान्य हो गया था।
वोटों की गिनती फिर से शुरू करने का आदेश देते हुए न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि दोबारा चुनाव की जरूरत नहीं है क्योंकि गिनती की प्रक्रिया के दौरान छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपर की पहचान कर ली गई थी। अब बीसीडी नियमों व बीसीआई गाइडलाइंस के अनुसार उनसे निपटा जाना चाहिए।
पीठ ने कहा कि जिन बैलेट पेपर पर मिटाने, ओवरराइटिंग, सुधार, कुछ जोड़ने या अन्य संदिग्ध बदलाव के निशान हों उन्हें अलग किया जाए। उन्हें सीलबंद बंडलों या पैकेटों में रखा जाए जिन पर डाउटफुल बैलेट (संदिग्ध मतपत्र) लिखा हो। इन्हें चुनाव कराने के लिए बनाई गई विशेष समिति में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के सामने रखा जाए, जो तय करेंगे कि उनकी गिनती कैसे की जाए और संक्षेप में कारण दर्ज करेंगे।
पीठ ने कहा कि यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि किसी भी उम्मीदवार के साथ भेदभाव किए बिना वोटर की मंशा का सम्मान हो। इससे दोबारा चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। बीसीडी चुनाव को नए सिरे से कराने का भारी खर्च भी बचेगा, क्योंकि कथित छेड़छाड़ चुनाव प्रक्रिया की जड़ तक नहीं जाती है। ऐसी स्थिति से निपटने का तरीका पहले से ही बीसीडी नियमों व बीसीआई दिशा-निर्देश में बताया गया है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि पूरी गिनती प्रक्रिया की लगातार वीडियोग्राफी की जाएगी। इसे उच्च न्यायालय के एस ब्लॉक की छठी मंजिल पर लगी स्क्रीन के साथ-साथ यूट्यूब व हाई लूप ऐप पर लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा।
रिटर्निंग ऑफिसर लेंगे काउंटिंग पर फैसला
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि रिटर्निंग ऑफिसर गिनती फिर से शुरू करने की तारीख और समय की घोषणा कम से कम 24 घंटे पहले करेंगे। खुली टोकरियों में रखे सभी बैलेट पेपर को ताला लगने वाले बक्सों या बैगों में स्थानांतरित किया जाएगा। हर ब्रेक के दौरान व गिनती के हर दिन के समापन पर उन्हें लॉक किया जाएगा।
221 उम्मीदवारों ने लड़ा था चुनाव
चुनाव दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21-23 फरवरी को हुए थे। इन चुनावों में 221 उम्मीदवारों ने प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम के तहत 23 पदों के लिए चुनाव लड़ा था। हालांकि 15 अप्रैल को गिनती करने वाले एक कर्मचारी को कुछ बैलेट पेपर पर वोटर्स की पसंद में बदलाव करते हुए पाया गया, जिसके कारण गिनती रोक दी गई व प्राथमिकी दर्ज की गई।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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