अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़ी ऐसी कौन सी जानकारी मांगी, अदालत ने याचिका को कर दिया खारिज

Feb 25, 2026 05:35 pm ISTपीटीआई नई दिल्ली
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अदालत ने कहा कि इस याचिका में कोर्ट से जिस रिपोर्ट को पढ़ने की मांग की गई है, वह एक्सपर्ट्स ने तैयार की है, और इसलिए, भले ही पिटीशनर के हिसाब से, उस रिपोर्ट में कुछ कमी हो, कोर्ट पर ऐसी रिपोर्ट पढ़ने के लिए कोई जोर नहीं दिया जा सकता।'

अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़ी ऐसी कौन सी जानकारी मांगी, अदालत ने याचिका को कर दिया खारिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे के पूरे घटनाक्रम की जानकारी शुरुआती जांच रिपोर्ट में शामिल करने की मांग की गई थी। यह याचिका IIT-दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले एक शख्स ने दायर की थी और इस याचिका में उसने कोर्ट से AAIB (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) की शुरुआती रिपोर्ट को पढ़ने और उसमें सुधार करते हुए इंजन के फ्लेम आउट यानी बंद होने का समय व फ्यूल स्विच के ट्रांजेक्शन (मैकेनिकल या मैनुअल) की जानकारी रिपोर्ट में दर्ज करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी।

'न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं होती हैं'

याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने याचिकाकर्ता की मांग को पूरी तरह गलत बताते हुए स्पष्ट किया कि तकनीकी जांच के मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि यह PIL, जिसमें AAIB को ऐसी जानकारी सार्वजनिक रूप से बताने का निर्देश देने की मांग की गई है, बहुत गलत है। अदालत ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता को जो जानकारी चाहिए उसके लिए उन्हें पहले सूचना के अधिकार (RTI) कानून का इस्तेमाल करना था। साथ ही बेंच ने कहा कि, 'हमारी सोची-समझी राय में ऐसी प्रार्थना मंजूर नहीं की जा सकती।

'पहले जाकर RTI से पता करने की कोशिश करिए'

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी जानकारी RTI एक्ट के तहत देने लायक होगी, तो दी जाएगी। उधर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनका मानना ​​है कि इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि दोनों इंजन फेल होने का कारण 'सर्ज' हो सकता है, जिसकी पुष्टि इंजन से आग निकलने के सही समय और फ्यूल स्विच के कट ऑफ पोजीशन में जाने के सटीक समय से हो सकती है। हालांकि, अदालत ने इन तकनीकी बारीकियों में पड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि हम इस पिटीशन पर विचार नहीं करना चाहते और इसे खारिज किया जाता है।

'जिस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए कहा, वह एक्सपर्ट ने तैयार की'

कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की चिंताओं को समझ सकता है, लेकिन उसके पास ऐसे मामलों पर फैसला करने की विशेषज्ञता नहीं है। कोर्ट ने कहा, 'यह कानून का एक तय सिद्धांत है कि जिस क्षेत्र में विशेषज्ञ काम करते हैं, उसे आमतौर पर एक्सपर्ट्स पर ही छोड़ देना चाहिए। इस याचिका में कोर्ट से जिस रिपोर्ट को पढ़ने की मांग की गई है, वह एक्सपर्ट्स ने तैयार की है, और इसलिए, भले ही पिटीशनर के हिसाब से, उस रिपोर्ट में कुछ कमी हो, कोर्ट पर ऐसी रिपोर्ट पढ़ने के लिए कोई जोर नहीं दिया जा सकता।'

'अभी वह सिर्फ शुरुआती जांच रिपोर्ट है'

कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच अभी भी चल रही है और AAIB ने इस स्टेज पर सिर्फ एक शुरुआती रिपोर्ट दी है। बता दें कि पिछले साल 12 जून को, एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171, जो कि लंदन के गैटविक जा रही थी, वह सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेक ऑफ करने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल कॉम्प्लेक्स में क्रैश हो गई थी। इससे एयरक्राफ्ट में आग लग गई, और उसमें सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी।

Sourabh Jain

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Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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